टाटा पावर रिन्यूएबल्स ने दूसरी तिमाही में दर्ज की 130 प्रतिशत से अधिक वृद्धि, 419 मेगावाट की परियोजनाएं चालू

12 Oct 2026 13:26:53
प्रतीकात्मक फोटो


पूर्वी सिंहभूम, 12 अक्टूबर (हि.स.)। टाटा पावर की अनुषंगी कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में 130 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान 419 मेगावाट क्षमता की यूटिलिटी-स्केल परियोजनाएं चालू कीं। पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 182 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं चालू की थीं। इसके अलावा, कंपनी ने इस अवधि में 131.2 मेगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का भी क्रियान्वयन किया।

इन ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में 101.2 मेगावाट घंटे की क्षमता कंपनी की अपनी जरूरतों के लिए विकसित की गई, जबकि शेष 30 मेगावाट घंटे की क्षमता तीसरे पक्ष के ग्राहकों के लिए तैयार की गई है।

सोमवार को टाटा स्टील की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में टीपीआरईएल ने कुल 645 मेगावाट क्षमता की यूटिलिटी-स्केल परियोजनाएं पूरी कीं। इस दौरान 161.2 मेगावाट घंटे की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का भी क्रियान्वयन किया गया। इनमें 101.2 मेगावाट घंटे की परियोजनाएं कंपनी की अपनी जरूरतों के लिए और 60 मेगावाट घंटे की परियोजनाएं तीसरे पक्ष के ग्राहकों के लिए विकसित की गईं।

पहली छमाही के दौरान कंपनी ने कई प्रमुख परियोजनाओं को सफलतापूर्वक चालू किया। इनमें 100.8 मेगावाट की जेवाली पवन ऊर्जा परियोजना, 227.5 मेगावाट क्षमता की कलासर एफडीआरई सौर ऊर्जा परियोजना के साथ 101.2 मेगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, 100 मेगावाट की कायथार ग्रुप कैप्टिव परियोजना और 72.5 मेगावाट की टाटा स्टील कैप्टिव परियोजना शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी गुणवत्तापूर्ण कार्य, सुरक्षा और परिचालन उत्कृष्टता पर विशेष ध्यान देने का परिणाम है। मजबूत आपूर्ति शृंखला, अनुभवी भागीदारों और बेहतर परियोजना प्रबंधन के माध्यम से कंपनी विभिन्न क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर रही है।

परिचालन पोर्टफोलियो बढ़कर 7.2 गीगावाट

इन परियोजनाओं के साथ कंपनी का यूटिलिटी-स्केल परिचालन पोर्टफोलियो बढ़कर 7.2 गीगावाट हो गया है। इसमें 5.8 गीगावाट सौर ऊर्जा, 1.3 गीगावाट पवन ऊर्जा और 281.2 मेगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता शामिल है।

कंपनी की योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में दो गीगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं पूरी करने की है। प्रस्तावित परियोजनाओं में 1,075 मेगावाट सौर ऊर्जा, 969 मेगावाट पवन ऊर्जा और 274 मेगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता शामिल है। इसके अतिरिक्त, तीसरे पक्ष के ग्राहकों के लिए 300 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं का भी क्रियान्वयन किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष के अंत तक 9.3 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य

कंपनी वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक लगभग 9.3 गीगावाट क्षमता की परियोजनाओं का क्रियान्वयन पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें 6,899 मेगावाट सौर ऊर्जा, 2,298 मेगावाट पवन ऊर्जा और 555.2 मेगावाट घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता शामिल होगी।

वहीं, वित्तीय वर्ष 2027-28 में लगभग 2.6 गीगावाट की शेष परियोजनाओं को पूरा करने की योजना है। इनमें 570 मेगावाट सौर ऊर्जा, 1,700 मेगावाट पवन ऊर्जा और 350 मेगावाट घंटे की बैटरी भंडारण क्षमता शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद टीपीआरईएल की कुल परिचालन क्षमता लगभग 12 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है।

कंपनी का यह विस्तार भारत के स्वच्छ ऊर्जा अभियान, ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।----------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक

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