
एग्रीविजन–2026 के 10वां दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट ने कहा कि भारतीय कृषि को केवल उत्पादन-केंद्रित दृष्टिकोण तक सीमित न रखें बल्कि इसे व्यापक कृषि-खाद्य प्रणाली और मूल्य शृंखला के परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाना आवश्यक है।
डॉ. जाट मंगलवार को नई दिल्ली स्थित आईसीएआर-एनएएससी परिसर, पूसा में दो दिवसीय एग्रीविजन के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन–2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बाजार अनुसंधान और बाजार संबंधी जानकारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कृषि उत्पादन को बाजार की मांग के अनुरूप बनाने तथा किसानों की लाभप्रदता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि उत्पादन को विपणन और मूल्य संवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय इम्फाल के कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा और रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एके सिंह ने एग्रीविजन की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शिक्षण, अनुसंधान और कृषि प्रसार के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के महत्व को भी रेखांकित किया।
यह अधिवेशन विद्यार्थियों, प्रख्यात वैज्ञानिकों, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्यमियों और किसानों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने तथा कृषि मूल्य शृंखला से जुड़े विभिन्न पक्षों के विचारों एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान कर रहा।
अधिवेशन में कृषि शिक्षा, तकनीकी परिवर्तन, अनुसंधान, बाजारोन्मुख कृषि, उद्यमिता और किसान-केंद्रित विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
आईसीएआर के कृषि शिक्षा प्रभाग के तत्वावधान में हो रहे अधिवेशन में कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारक एक साझा मंच पर एकत्रित हुए। इसमें 25 राज्यों के कृषि एवं संबद्ध विज्ञान के लगभग 450 विद्यार्थी भी भाग ले रहे हैं। इनके साथ प्रख्यात वक्ता, वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि उद्यमी और किसान भी शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामानुज शर्मा