इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर एकनाथ शिंदे का आरोप, कहा-विदेशी ताकतों और अंतरराष्ट्रीय साजिश का शक

13 Oct 2026 13:46:53
फाईल फोटो: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे


मुंबई, 13 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली में उच्चतम न्यायालय तक निकाले गए मार्च को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में विदेशी ताकतों के शामिल होने और अंतरराष्ट्रीय साजिश की भी आशंका जताई।हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।

उपमुख्यमंत्री शिंदे आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने इंडिया गठबंधन के उच्चतम न्यायालय तक किए गए मार्च को देश के इतिहास का 'काला दिन' बताते हुए राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने देश को मजबूत संवैधानिक संस्थाएं दी हैं और न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

शिंदे ने कहा कि उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकालकर दबाव बनाने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन न्यायपालिका से जुड़े मामलों में इस तरह का विरोध उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन से भारतीय न्यायपालिका पर कथित हमले के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

उन्होंने विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ विदेशी ताकतें देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली में हुआ मार्च किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुकाबला नहीं कर पा रहा है, इसलिए इस तरह के आंदोलनों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

शिंदे ने विपक्ष की रणनीति को देश के लिए खतरनाक बताते हुए आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि अगर देश में वास्तव में इमरजेंसी होती, तो क्या लोग इस तरह उच्चतम न्यायालय तक मार्च निकाल पाते और खुलकर अपनी राय रख पाते? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन न्यायपालिका का बार-बार अपमान करना सही नहीं है।

उन्होंने विपक्ष पर संविधान को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। वोटर लिस्ट से जुड़े विवाद पर शिंदे ने दावा किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी मुद्दों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की गतिविधियों के पीछे सत्ता हासिल करने की मंशा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ लगातार विरोध करने को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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