
जयपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। फ्रैंकफर्ट से नई दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान एआई-2030 को बुधवार सुबह हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। विमान की सुबह करीब 9:45 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग कराई गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की गहन जांच की। जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। करीब साढ़े चार घंटे की कार्रवाई के बाद विमान को दोपहर 2:24 बजे यात्रियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को विमान से कुछ सेकंड के लिए स्क्वॉक-7500 कोड का संकेत मिला था। विमानन क्षेत्र में इस कोड का इस्तेमाल हाईजैक की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। इसके बाद एटीसी ने जयपुर सहित संबंधित एजेंसियों को सूचना दी। सुबह करीब 9:10 बजे विमान का मार्ग बदलकर जयपुर की ओर कर दिया गया और 9:45 बजे इसकी लैंडिंग कराई गई।
विमान के उतरने के बाद उसे पार्किंग क्षेत्र से दूर आइसोलेशन-बे में रखा गया। एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाला। विमान में सवार करीब 300 यात्रियों को सुरक्षित उतारकर टर्मिनल में बैठाया गया। दिल्ली से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम को भी सतर्क रखे जाने की जानकारी सामने आई।
सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की जांच की। शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद विमान के रखरखाव से जुड़े इंजीनियरों को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआत में ऐसी जानकारी सामने आई कि पायलट ने गलती से अलर्ट बटन दबा दिया था और कुछ ही सेकंड में संकेत बंद कर दिया गया था। बाद में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण अलर्ट संदेश जनरेट होने की आशंका है। हालांकि, पायलट ने पूछताछ के दौरान गलती से बटन दबाने की बात से इनकार किया। इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) पूरे मामले की जांच करेगा। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हाईजैक का संकेत देने वाला 7500 कोड किस वजह से सक्रिय हुआ और इसका संदेश एटीसी तक कैसे पहुंचा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश