एनआईए कोर्ट ने पाकिस्तान में रहने वाले आतंकवादी को 'घोषित अपराधी' करार दिया

14 Oct 2026 16:07:53
एनआईए कोर्ट


राजौरी, 14 अक्टूबर (हि.स.)। एनआईए की एक स्पेशल कोर्ट ने पाकिस्तान में रहने वाले एक आतंकवादी को 2022 के एक मामले में 'घोषित अपराधी' करार दिया है। यह मामला अल-हुदा एजुकेशन ट्रस्ट से जुड़ी कथित टेरर-फंडिंग गतिविधियों और प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी की गैर-कानूनी गतिविधियों से संबंधित है।

राजौरी जिले की दरहाल तहसील के थानामंग गांव के रहने वाले मुश्ताक अहमद मीर ने 1995-96 में आतंकवाद में शामिल होने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार की थी। माना जाता है कि वह अभी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से अपनी गतिविधियां चला रहा है।

एनआईए कोर्ट के स्पेशल जज प्रेम सागर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 के तहत नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए मीर को घोषित अपराधी करार दिया। कोर्ट ने गौर किया कि उसके खिलाफ पहले भी गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे, लेकिन 'घोषित अपराधी' की कार्यवाही और अखबारों में नोटिस छपने के बावजूद न तो उसे गिरफ्तार किया गया और न ही वह कोर्ट के सामने पेश हुआ।

एनआईए का यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया है कि फरवरी, 2019 में जमात-ए-इस्लामी को गैर-कानूनी संगठन घोषित किए जाने के बाद भी अल-हुदा एजुकेशन ट्रस्ट के जरिए उसके लिए फंड जुटाया और भेजा गया। अगस्त, 2025 में स्पेशल एनआईए कोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों के लिए कथित तौर पर फंड जुटाने और उसका इस्तेमाल करने के मामले में मीर और अल-हुदा एजुकेशन ट्रस्ट समेत तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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