पुलिस हिरासत में छात्रों से मारपीट के आरोप, राहुल गांधी ने पेश किए प्रदर्शनकारी

14 Oct 2026 15:29:53
नई दिल्ली में बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस हिरासत में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी।


नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया है। राहुल ने बुधवार को कुछ प्रदर्शनकारियों को मीडिया के सामने पेश किया, जिन्होंने पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए। राहुल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को अपने साथ हुई घटनाओं के वीडियो और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

राहुल गांधी ने यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र, युवा और अन्य लोग अलग-अलग समुदाय और वर्गों से आते हैं, लेकिन उनकी आवाज एक है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की आवाज के खिलाफ खड़ा नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सभी साक्ष्यों का इस्तेमाल कर मारपीट के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की कोशिश की जाएगी।

केरल की छात्रा अथिरा ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान बस में महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बारे में पूछने पर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि कनॉट प्लेस थाने के सामने उन्हें पीटा गया, जिससे उनकी आंख और कान में चोट आई। अथिरा के अनुसार, उनके एक कान से सुनाई देना बंद हो गया है।

बांसुरी वादक समर ने भी हिरासत में मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पांच अक्टूबर और फिर 11 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में लिया गया था। समर के मुताबिक, सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को डंडों और पत्थरों से धमकाया गया था। पत्रकार वार्ता के दौरान समर ने बांसुरी पर ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन की धुन बजाई। राहुल ने इसे विरोध के प्रतीकात्मक जवाब के रूप में पेश किया।

राहुल गांधी ने एनएसयूआई की एक महिला पदाधिकारी को भी पत्रकार वार्ता में पेश किया। महिला ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें घसीटकर कनॉट प्लेस थाने ले जाया गया और एक कमरे में उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद उनके पैरों पर नीले निशान पड़ गए। राहुल गांधी ने उन्हें ‘शेरनी’ बताते हुए कहा कि कथित मारपीट के बावजूद उन्होंने डरने से इनकार किया।

एक अन्य छात्र ने आरोप लगाया कि संसद मार्ग थाने से दिल्ली गेट तक पुलिस वाहन में ले जाते समय उसके साथ मारपीट की गई। छात्र ने पुलिसकर्मियों पर गाली देने और धमकाने का भी आरोप लगाया। उसने कहा कि तिहाड़ जेल भेजे जाने के समय उसे गंभीर चोटें आई थीं और वह बेहोशी की हालत में था। छात्र ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने इससे पहले बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है। उन्होंने छात्रों, युवाओं, पत्रकारों और विपक्षी दलों के आंदोलनों को नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बताया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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