
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली पुलिस ने एसीपी विवेक भगत की शिकायत के आधार पर संसद स्ट्रीट थाने में यूट्यूबर रोजी, गजेंद्र और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के खिलाफ 3 अक्टूबर को बूटा सिंह गोलचक्कर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान जातिवादी टिप्पणी, सार्वजनिक अपमान और कर्तव्य में बाधा डाली गई थी।
दिल्ली पुलिस ने सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत की शिकायत पर मामला पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। भगत ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 3 अक्टूबर को बूटा सिंह गोलचक्कर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उनके साथ जाति आधारित अपमान, धमकी और आधिकारिक कर्तव्य में बाधा डाली गई।
मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, 356(2) और 3(5) तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(पी), 3(1)(क्यू), 3(1)(आर) और 3(1)(एस) के तहत दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि यूट्यूबर रोजी ने एसीपी पर 3 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाया था। इसके खिलाफ कॉकोरेच नेताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था।
एफआईआर के अनुसार भगत ने आरोप लगाया है कि भारतीय चुनाव आयोग के विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस उपमंडल में तैनात रहने के दौरान एक पत्रकार ने सार्वजनिक रूप से उनके खिलाफ जातिवादी टिप्पणी की।
अपनी शिकायत में भगत ने कहा है कि वे अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने और उनके सहायक कांस्टेबल रवि दहिया ने एक पत्रकार को उनकी नेमप्लेट और जातिगत पहचान का जिक्र करते हुए उनकी जाति और एसीपी के पद पर नियुक्ति के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते सुना।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा