
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। भारत का पारंपरिक ताड़ का 1.755 मीट्रिक टन गुड़ का पाउडर तमिलनाडु से बुल्गारिया के बाजार में पहुंचा है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने जैविक ताड़ के गुड़ के पाउडर के निर्यात में सहायता प्रदान की है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 15 अक्टूबर को तमिलनाडु के इरोड जिले स्थित गोबिचेट्टीपलयम से बुल्गारिया के वर्ना के लिए 1.755 मीट्रिक टन एनपीओपी और यूरोपीय संघ द्वारा प्रमाणित जैविक ताड़ के गुड़ पाउडर (ताड़ के फूल का रस) की पहली निर्यात खेप को एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने 15 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मंत्रालय के मुताबिक 1.755 मीट्रिक टन जैविक गुड़ पाउडर का निर्यात की गई यह खेप भारत के ताड़ के पेड़ से बने पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेश करने और देश के जैविक निर्यात उत्पादों में विविधता लाने की दिशा में अहम कदम है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इस खेप का निर्माण और निर्यात ईरोड स्थित मेसर्स वेलबीइंग फूड्स द्वारा चेन्नई स्थित मेसर्स चेट्टी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया गया है। यह खेप चेन्नई बंदरगाह के माध्यम से समुद्री मार्ग से भेजी जाएगी। विदेशी आयातक और वितरक बुल्गारिया स्थित मेसर्स सो लाइफ लिमिटेड है।
मंत्रालय के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य तमिलनाडु के पारंपरिक ताड़ के उत्पादों के लिए बाजार संबंधों को मजबूत करना और जैविक खेती वाले उत्पादकों के लिए नए अवसर पैदा करना है। यह पहल 137 एकड़ भूमि पर जैविक खेती को भी कवर करती है, जिससे बेहतर बाजार पहुंच और निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखलाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है। घरेलू बाजार की तुलना में किसानों को लगभग 15-22 फीसदी और निर्माताओं को 17 फीसदी अधिक मूल्य प्राप्त होता है जिससे किसानों के लिए लाभ बढ़ाने और स्थायी आजीविका का समर्थन करने का अवसर मिलता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर