
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (हि.स.)।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार, 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह चिट्टा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। गृह मंत्री मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा करेंगे। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराते हुए कहा है कि इस काले कारोबार में शामिल लोगों को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नशे के कारण अपनों को खोने वाले परिवारों ने जिस पीड़ा का सामना किया है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के इस अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।
अमित शाह ने कहा कि पंजाब के लोग इस तरह की कोशिशों का मुंहतोड़ जवाब देंगे। उनके बयान से संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार पंजाब में नशे के कारोबार और इससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर है।
अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार चिट्टा कारोबार में शामिल लोगों को चुन-चुनकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी। उन्होंने पंजाब समेत पूरे देश को नशे के इस कारोबार से मुक्त कराने का संकल्प भी दोहराया।
गृह मंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पंजाब में नशे की समस्या और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से उनकी मुलाकात के दौरान नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार की ओर से नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध धंधे में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। अब सबकी नजरें उनके पंजाब दौरे और नशा तस्करी के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों पर रहेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय