मेहरदाद अखलाघी केताबची ईरान के रक्षामंत्री नियुक्त, संसद ने दी मंजूरी

19 Oct 2026 08:25:53
मेहरदाद अखलाघी केताबची। फोटो -  इंटरनेट मीडिया


तेहरान (ईरान), 19 अक्टूबर (हि.स.)। एयरोस्पेस तकनीक और सैन्य औद्योगिक उत्पादन के विशेषज्ञ मेहरदाद अखलाघी केताबची को ईरान का रक्षामंत्री नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर की गई जब अमेरिका के साथ युद्ध के और तेज होने की आशंका है। 68 वर्षीय अखलाघी को रविवार को संसद की ऑनलाइन बैठक में मंजूरी मिली। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के बाद से संसद की बैठकें ऑनलाइन हो रही हैं। अखलाघी रक्षा और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स मंत्रालय की कमान संभालेंगे। उनकी नियुक्ति के पक्ष में कुल 237 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 15 ने इसके खिलाफ मतदान किया।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस पद पर कुछ समय से आसीन माजिद इब्न-ए रजा अब अखलाघी के डिप्टी (सहायक) के रूप में काम करेंगे।अखलाघी पर ईरान के सैन्य औद्योगिक ढांचे को फिर से बनाने और उसका विस्तार करने की जिम्मेदारी होगी, जिसे अमेरिका और इजराइल ने अपने हमलों में बुरी तरह निशाना बनाया है। नए मंत्री की रक्षा योजनाओं को पहले ही वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद के 'राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग' से मंजूरी मिल चुकी है।

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान किसी भी देश के खिलाफ आक्रामकता की शुरुआत नहीं करेगा, लेकिन अगर कोई हमला होता है तो वह देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी ताकत से और आखिरी दम तक लड़ेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि अखलाघी के पास रक्षा मंत्रालय और उससे जुड़े संगठनों में 42 वर्षों से अधिक का अनुभव है। सरकारी मीडिया के अनुसार, उनकी मुख्य विशेषज्ञता बैलिस्टिक मिसाइलों, सॉलिड फ्यूल प्रोपल्शन (ठोस ईंधन प्रणोदन), एयरोस्पेस तकनीक और सैन्य औद्योगिक उत्पादन में है।

इससे पहले, उन्होंने शहीद बाघेरी इंडस्ट्रियल ग्रुप, एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन और डिफेंस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख के रूप में काम किया है। अखलाघी और ये सभी संगठन अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं। उन पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध भी लागू हैं। 'तस्नीम' के अनुसार, वे पिछले कुछ दशकों में कई तरह की मिसाइलों और हथियारों के विकास से जुड़ी परियोजनाओं को विकसित करने में शामिल रहे हैं।

कहा जाता है कि अखलाघी ने ईरान की प्रमुख 'सज्जील' और 'जोल्फाघार' बैलिस्टिक मिसाइल श्रेणियों के विस्तार के साथ-साथ 'अलमास' मिसाइलों और 'यासीन' गाइडेड बमों जैसे सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों (प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों) को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है। यह भी कहा जाता है कि उन्हें स्पेस लॉन्चर, रिसर्च रॉकेट और सेमनान स्थित 'इमाम खुमैनी स्पेस सेंटर' से जुड़े बुनियादी ढांचे में विशेषज्ञता हासिल है। ये सभी ईरान के इजराइल और अमेरिका के खिलाफ युद्धों में महत्वपूर्ण तत्व रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

Powered By Sangraha 9.0