
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय ट्रैप निशानेबाज नीरू धांडा को एशियाई खेलों के समापन समारोह में भारत का ध्वजवाहक चुना गया है। समापन समारोह 4 अक्टूबर को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
नीरू ने इन एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है। वह इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत की प्रमुख पदक विजेताओं में शामिल रही हैं। नीरू ने महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और एशियाई खेलों में ट्रैप निशानेबाजी की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके बाद उन्होंने आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ महिला टीम ट्रैप में रजत पदक जीता। नीरू ने इसके बाद कायनान चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने नीरू को ध्वजवाहक चुने जाने पर एक आधिकारिक बयान में कहा, एशियाई खेलों के समापन समारोह में नीरू का तिरंगा थामना बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने इन खेलों में बेहद गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया है और यह उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन की उपयुक्त पहचान है। महिला ट्रैप में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने से लेकर दो और पदक दिलाने तक, नीरू ने देश को जश्न मनाने के कई अवसर दिए हैं। अब उन्हें राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारतीय दल का नेतृत्व करते देखना निशानेबाजी और पूरे भारत के लिए बेहद खास पल होगा।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा, एशियाई खेलों के समापन समारोह में राष्ट्रीय ध्वज थामना किसी खिलाड़ी को मिलने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है। नीरू ने अपने प्रदर्शन, धैर्य और जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने के तरीके से यह सम्मान हासिल किया है। इन खेलों में उनका सफर असाधारण रहा है और हमें खुशी है कि उन्हें तिरंगा थामकर भारतीय दल का समापन समारोह में नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा।
नीरू का ध्वजवाहक चुना जाना उनके शानदार एशियाई खेल अभियान में एक और उपलब्धि है। उनके व्यक्तिगत स्वर्ण ने एशियाई खेलों की ट्रैप निशानेबाजी की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लंबे इंतजार को खत्म किया। इसके बाद टीम और मिश्रित टीम में जीते दो और पदकों के साथ उनके एशियाई खेलों के पदकों की संख्या तीन हो गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे