भगवान श्रीराम ने रिश्तों का महत्व बताया, अपने आचरण से सदमार्ग पर चलने का दिया संदेश: मुख्यमंत्री डॉ यादव

20 Oct 2026 23:18:53
भोपाल के कोलार क्षेत्र में रावण दहन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री


भोपाल के सलैया क्षेत्र में रावण दहन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री


इंदौर में रावण दहन


इंदौर में रावण दहन


- मध्य प्रदेश में हर्षोल्लास से मनाया गया दशहरा, जगह-जगह हुए रावण दहन के कार्यक्रम

भोपाल, 20 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने रिश्तों का महत्व बताया और अपने आचरण से सभी को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना का कार्य कर रहे हैं। दुनिया के 200 देश भारत को सम्मान की नजर से देख रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम आसीन हैं। आने वाले समय में मथुरा, वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण भी मुस्कुराएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ यादव मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर भोपाल के कोलार रोड स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर (बंजारी दशहरा मैदान) में रावण दहन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति करने वाली बेटियों और अन्य कलाकारों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को दशहरे की बधाई और मंगलकामनाएं दीं।

कोलार हिन्दू उत्सव समिति द्वारा आयोजित कर्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और विधायक रामेश्वर शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने भगवान श्रीराम, सीतामाता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी के स्वरूपों की आरती उतारी। इस मौके पर 105 फीट ऊंचे रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रधान आरक्षक ट्रेफिक जगदीश दांगी को साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सांसद वीडी शर्मा, भोपाल की महापौर मालती राय, महामंत्री राहुल कोठारी, भोपाल जिला अध्यक्ष रविंद्र यति और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

भगवान श्रीराम के आदर्श को अपना रहे हैं प्रधानमंत्री मोदीः मुख्यमंत्री डॉ यादव

कोलार के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार देर रात सलैया क्षेत्र में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श अपनाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में रामराज लाने के लिए प्रयासरत हैं। भगवान श्रीराम की तरह उन्होंने शत्रु को उसके घर में घुसकर मारने का शौर्य भी दिखाया है। जनकल्याणकारी नीतियों से प्रधानमंत्री मोदी सुशासन और विकास अर्थात रामराज स्थापना का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्रवासियों ने देखा है कि न्यायालय के निर्णय का किस तरह सम्मान होता है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का धाम तो विकसित हो गया। अब भगवान श्रीकृष्ण का धाम विकसित हो इसके लिए समस्त राष्ट्रवासी उम्मीद भरी नजरों से इस कार्य की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त नागरिकों को दशहरे की बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया।

सलैया के नागरिकों को मिलेगी नई सड़क

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलैया क्षेत्र में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की जाने वाली सलैया गुराडी सड़क के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से स्थानीय निवासियों को आवागमन की सुविधा होगी। दो किलोमीटर से अधिक दूरी की इस सड़क का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।

दशहरे पर प्रदेशभर में हो रहा रावण के पुतलों का दहनप्रदेशभर में मंगलवार शाम को दशहरे पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। ग्वालियर में दशहरे पर 400 साल पुरानी तोप चलाई गई, जबकि मंडला में हर्ष फायरिंग के साथ उत्सव की शुरुआत हुई। इंदौर में 111 फीट ऊंचे नशासुर रावण के पुतले का दहन किया गया। आयोजन के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। उज्जैन में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया।

रतलाम के नेहरू स्टेडियम में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होते ही जय श्रीराम के नारे गूंज उठे। हनुमानजी ने रावण के पैरों पर गदा मारी, जिसके बाद भगवान राम ने मशाल से पुतले में आग लगाई। नर्मदापुरम, सीहोर समेत कई शहरों में भी पुतले जलाए गए। हरदा के बैरागढ़ और मंदसौर के सीतामऊ में बारिश से रावण के पुतले भीग गए। धार जिले के डेहरी में 25 फीट ऊंचे पुतले को खड़ा करते समय उसके दोनों पैर टूट गए।

गुना के दशहरा मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे पहले भगवान राम की शोभायात्रा बाजार से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। यहां राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद भगवान राम ने जलता हुआ तीर चलाकर रावण का दहन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित हजारों की संख्या में नागरिक मौजूद रहे। मंदसौर के कॉलेज मैदान में 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही 40-40 फीट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों को भी जलाया गया।

----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Powered By Sangraha 9.0