बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद होंगे

20 Oct 2026 16:44:53
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि निकालने की प्रक्रिया करते हुए।


-12 नवंबर से शुरू होगी पंच पूजा, 17 नवंबर को शीतकालीन प्रवास पर रवाना होंगी उत्सव डोलियां

गोपेश्वर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर मंगलवार को मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और पंचांग गणना के बाद कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही 12 नवंबर से कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया पंच पूजाएं शुरू हो जाएंगी।

बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने विधि-विधान से कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा की। इससे पहले धर्माधिकारी आचार्य स्वयंवर सेमवाल और वेदपाठियों ने पूजा-अर्चना के साथ पंचांग गणना की। इस अवसर पर वर्ष 2027 की यात्रा के लिए भंडार व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले उमेश भट्ट, शिवम मेहता, महेंद्र भंडारी और जगदीश पंवार को पगड़ी भेंट की गई। मंदिर परिसर में नवरात्र और उर्वशी माता की पूजा का समापन भी हवन-यज्ञ के साथ हुआ।

बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओं से कपाट बंद होने से पहले बदरीनाथ, केदारनाथ और अन्य मंदिरों के दर्शन करने की अपील की।

बदरीनाथ धाम में 12 नवंबर को गणेश पूजन के साथ पंच पूजाएं शुरू होंगी। 13 नवंबर को आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। 14 नवंबर को खड्ग-पुस्तक पूजन के साथ वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा। 15 नवंबर को माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित कर भगवान बदरीविशाल के दरबार में आने का निमंत्रण दिया जाएगा।

16 नवंबर को माता लक्ष्मी गर्भगृह में विराजमान होंगी, जबकि उद्धव और कुबेर मंदिर परिसर में आ जाएंगे। इसके बाद रात 9 बजकर 37 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

कपाट बंद होने के अगले दिन 17 नवंबर को भगवान उद्धव और कुबेर की उत्सव डोलियां पांडुकेश्वर स्थित योग बदरी मंदिर के लिए रवाना होंगी। शीतकाल में यहां उनकी पूजा-अर्चना होगी। गरुड़ जी और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। 18 नवंबर को शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर में विराजमान होगी। इसके साथ ही बदरीनाथ धाम की वर्ष 2026 की यात्रा का समापन हो जाएगा।

उधर, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज पर जबकि गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा के अवसर पर बंद होंगे। चारों धाम के कपाट बंद होने की तिथियां-

- गंगोत्री धाम: 10 नवंबर, गोवर्धन पूजा।

- केदारनाथ धाम: 11 नवंबर, भैयादूज को सुबह 8:30 बजे।

- यमुनोत्री धाम: 11 नवंबर, भैयादूज।

- बदरीनाथ धाम: 16 नवंबर को रात 9:37 बजे।

इस अवसर पर पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पूर्व सदस्य भास्कर डिमरी एवं प्रोटोकॉल अधिकारी राकेश सेमवाल, मंदिर अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी, पंडापंचायत अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, उपाध्यक्ष सुधाकर बाबुलकर, पीतांबर मोल्फा, बाबा उदय सिंह, अतुल डिमरी, संजय तिवारी,राहुल नेगी, सत्येंद्र चौहान सहित डिमरी पंचायत, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत, हकहकूकधारी संगठनों के प्रतिनिधि एवं बीकेटीसी के अधिकारी कर्मचारी सहित, तीर्थ पुरोहितण बामणी माणा के श्रद्धालुजन, सैकड़ों तीर्थयात्री मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

Powered By Sangraha 9.0