स्टॉक मार्केट में एचडी फायर प्रोटेक्ट की मजबूत शुरुआत, मुनाफा वसूली के बावजूद फायदे में आईपीओ निवेशक

21 Oct 2026 19:18:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (हि.स.)। फायर प्रोटेक्शन सिस्टम, वाटर, फोम और गैस आधारित फायर सेपरेशन इक्विपमेंट्स बनाने वाली और दुनिया के 90 से ज्यादा देशों में निर्यात करने वाली कंपनी एचडी फायर प्रोटेक्ट लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 271 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 23.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 334.40 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 23.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 335 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 340 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसमें ऊपरी स्तर से गिरावट आ गई। बिकावाली के दबाव में ये शेयर लुढ़क कर 301 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक आ गया। हालांकि बाद में खरीदारी का सपोर्ट मिलने पर इसका लोअर सर्किट ब्रेक हो गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद ये शेयर 307.20 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में मुनाफा वसूली का दबाव बनने बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 36.20 रुपये यानी 13.36 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 712.31 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 से 15 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 131.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 256.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 203.21 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 30.55 गुना और एंप्लाईज के लिए रिजर्व पोर्शन 23.61 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,62,84,500 शेयर जारी किए गए हैं। ये पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) इश्यू था। मतलब कंपनी को इस आईपीओ से कोई नया कैपिटल नहीं मिला है, बल्कि आईपीओ के जरिये इकट्ठा हुआ पूरा पैसा प्रमोटर्स व पुराने शेयरधारकों के पास गया है।

एचडी फायर प्रोटेक्ट लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 87.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 109.72 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 116.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 23.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 392.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 450.68 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 505.12 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 114.07 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस पूरी अवधि में कंपनी पर कोई लंबी अवधि का कर्ज नहीं है बल्कि इसकी संपत्ति के मुकाबले इसका वित्तीय ढांचा बहुत सुरक्षित है, जिससे इसकी कुल परिसंपत्तियां (एसेट) वित्त वर्ष 2023-24 के 392.63 करोड़ रुपये से बढ़कर 30 जून 2026 तक 477,60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई हैं।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार मजबूत बना रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 332.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 302.59 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 286.07 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 309.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी भारी मजबूती देखी गई। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 342.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 396.01 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 375.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह अगर कंपनी के कामकाजी मुनाफे यानी इबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो यह 2023-24 में 106.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 138.01 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 150.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 29.73 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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