भारत-कनाडा के बीच शिक्षा और शोध सहयोग पर चर्चा, एमओयू को लागू करने पर जोर

22 Oct 2026 18:42:53
प्रह्लाद जोशी (फाइल फोटो)


नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (हि.स.)। भारत और कनाडा के बीच शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बातचीत हुई है। शिक्षा मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा के संबंधों को फिर से मजबूत करने, शोध साझेदारी का विस्तार करने और छात्रों के लिए एक-दूसरे के देश में पढ़ाई के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर और ट्रेड कमिश्नर एमी एंटोनिनी के साथ शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी की हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई बातचीत के दौरान घोषित समझौता ज्ञापनों (एमओयू) को लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में भारत और कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने और शोध के क्षेत्र में नई साझेदारियां विकसित करने पर विचार किया गया। दोनों देशों के बीच छात्रों की आवाजाही को आसान बनाने और उन्हें शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा, भारत में कनाडा के विश्वविद्यालयों के लिए अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इस संबंध में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत कनाडा के विश्वविद्यालयों की भारत में मौजूदगी और उनके लिए सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बातचीत के दौरान घोषित समझौता ज्ञापनों को आगे बढ़ाना और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करना रहा। इसके जरिए दोनों देशों के बीच शैक्षणिक संबंधों को नई गति देने की कोशिश की जा रही है।

बैठक के बाद जारी संदेश में दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। साथ ही, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

इस पहल से भारत और कनाडा के विश्वविद्यालयों के बीच संपर्क बढ़ाने, साझा शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने और शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

Powered By Sangraha 9.0