
मुंबई, 22 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में संदेश के माध्यम से कहा कि भारत के पास केमिकल प्रोडक्टस का ग्लोबल हब बनने का मौका है। यह मैसेज केंद्रीय मंत्री नड्डा ने पढ़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'एडवांस्ड इंडिया: एन इमर्जिंग ग्लोबल केमिकल हब' के कॉन्सेप्ट पर आधारित एग्ज़िबिशन 'इंडिया केम 2026', इंडस्ट्री में पॉलिसीमेकर्स, इन्वेस्टर्स, रिसर्चर्स और एंटरप्रेन्योर्स को एक साथ लाने का एक ज़रूरी प्लेटफॉर्म बन रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे नई पार्टनरशिप, इन्वेस्टमेंट के मौकों को बढ़ावा मिलेगा और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश को ग्लोबल केमिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का मौका है।
गोरेगांव के नेस्को एग्ज़िबिशन सेंटर में गुरुवार को ऑर्गनाइज़्ड इंटरनेशनल एग्जि़बिशन 'इंडिया केम 2026' का उद्घाटन केंद्रीय रसायन मंत्री जगत प्रसाद नड्डा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में किया।
इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधि, सीनियर अधिकारी, इंडस्ट्री के जाने-माने लोग और देश-विदेश के इन्वेस्टर्स मौजूद थे। इस मौके पर, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘इंडिया केम 2026’ के मौके पर अपने मैसेज में, इकॉनमी में भारत की केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री की अहमियत पर ज़ोर दिया।
केंद्र सरकार केमिकल इंडस्ट्री के डेवलपमेंट के लिए कमिटेड है :केंद्रीय केमिकल मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री के डेवलपमेंट के लिए अच्छी पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है। केमिकल इंडस्ट्री में भारत का मौजूदा मार्केट लगभग 220 बिलियन रुपये का है, और इसे 2040 तक 1 ट्रिलियन और 2047 तक 1.6 ट्रिलियन रुपये तक ले जाने का टारगेट है। इस गोल को पाने के लिए, केंद्र और राज्य सरकारों, इंडस्ट्री, रिसर्चर्स और इन्वेस्टर्स को मिलकर काम करने की ज़रूरत है । केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार की बल्क ड्रग पार्क स्कीम में हर पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक की केंद्रीय मदद देने का प्रावधान है, और संबंधित राज्य से कम से कम 500 करोड़ रुपये खर्च करने की उम्मीद है। इसके ज़रिए केंद्र सरकार एक वल्र्ड-क्लास इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बनाकर इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन, कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस और सस्टेनेबल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार मौजूदा केमिकल इंडस्ट्रियल सेक्टर को मॉडर्न बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने पर भी फोकस कर रही है।
महाराष्ट्र में केमिकल इंडस्ट्री के लिए अलग पॉलिसी नवंबर के पहले हफ्ते में अनाउंस होगी : मुख्यमंत्री फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार केमिकल इंडस्ट्री में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक अलग केमिकल इंडस्ट्री पॉलिसी तैयार कर रही है, और इस पॉलिसी का अनाउंसमेंट नवंबर के पहले हफ्ते में किया जाएगा। यह पॉलिसी बढ़ती इंडस्ट्रियल ज़रूरतों, इन्वेस्टमेंट के लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री-फ्रेंडली माहौल को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मौके पर बताया कि पालघर जिले में वधान पोर्ट के इलाके में एक बड़ा केमिकल इंडस्ट्री सेंटर डेवलप करने का प्लान है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य में केमिकल सेक्टर में करीब 3,600 इंडस्ट्री चल रही हैं। केमिकल इंडस्ट्री में देश के कुल ग्रॉस वैल्यू एडेड में महाराष्ट्र का हिस्सा करीब 19 परसेंट है, और केमिकल प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट में करीब 17 परसेंट हिस्सा है। राज्य में पेट्रोकेमिकल्स, एग्रीकल्चरल केमिकल्स, स्पेशलिटी केमिकल्स, पॉलीमर्स और इंडस्ट्रियल केमिकल्स के प्रोडक्शन के लिए अच्छा माहौल है।
मध्य प्रदेश, ओडिशा में केमिकल इंडस्ट्रीज़ में इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा माहौल: मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज़ की ग्रोथ के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और ग्लोबल पार्टनरशिप की अहमियत पर ज़ोर दिया। मध्य प्रदेश के बीना में 50,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट से एक पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट डेवलप किया जा रहा है, और प्लास्टिक पार्क और गैस-बेस्ड इंडस्ट्रीज़ से रोजग़ार और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में इन्वेस्टर्स को बिजली, पानी, ज़मीन और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं दी जा रही हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य को मिनरल-बेस्ड इकॉनमी से केमिकल-बेस्ड इंडस्ट्रियल इकॉनमी बनाने का अपना लक्ष्य बताया। राज्य में पोर्ट के ज़रिए केमिकल इंडस्ट्रीज़ को ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल मार्केट से कनेक्टिविटी दी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक, ग्रीन हाइड्रोजन और फर्टिलाइजऱ सेक्टर में इन्वेस्टमेंट के बड़े मौके हैं और इंडस्ट्रीज़ को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया।
इस मौके पर यूपीएल ग्रुप के चेयरमैन जय श्रॉफ, रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर निखिल मेसवानी, फिक्की के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विजय शंकर और केमिकल्स मंत्रालय के सेक्रेटरी तेजवीर सिंह ने केमिकल इंडस्ट्री सेक्टर से जुड़े अपने विचार बताए। फिक्की के केमिकल्स डिपार्टमेंट के चेयरमैन बिमल गोकुलदास ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव