
काठमांडू, 22 अक्टूबर (हि.स.)।
नेपाल के पूर्वी नवलपरासी जिले के मौलाकालिका मंदिर और चितवन के देवघाट के बीच केबल कार संचालित करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। व्यावसायिक संस्था आईएमई ग्रुप ने दो साल के भीतर इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
भरतपुर महानगरपालिका के देवघाट से गैंडाकोट नगरपालिका स्थित मौलाकालिका मंदिर तक केबल कार परियोजना का फिलहाल पर्यावरणीय प्रभाव आकलन किया जा रहा है।
आईएमई ग्रुप के अध्यक्ष चंद्र ढकाल ने बताया कि देवघाट और मौलाकालिका दोनों ही प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं। यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक धार्मिक स्थल से दूसरे तक पहुंचना आसान बनाने के उद्देश्य से केबल कार निर्माण की योजना बनाई गई है।
ढकाल ने कहा, “देवघाट और मौलाकालिका माई दोनों का अपना-अपना धार्मिक महत्व है। हम इन्हें इस तरह जोड़ना चाहते हैं कि श्रद्धालु एक स्थान पर आने के बाद आसानी से दूसरे स्थान तक भी पहुंच सकें। हमारा मानना है कि केबल कार के संचालन से इन धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।”
ढकाल के अनुसार, देवघाट से मौलाकालिका मंदिर तक प्रस्तावित केबलकार की लंबाई करीब दो किलोमीटर होगी। देवघाट और मौलाकालिका मंदिर से कुछ नीचे दो अलग-अलग स्टेशन बनाए जाएंगे। हालांकि, परियोजना की कुल लागत अभी तय नहीं हुई है।
वर्तमान में आईएमई ग्रुप गैंडाकोट के बॉटम स्टेशन से मौलाकालिका मंदिर के नजदीक स्थित इला होटल तक केबल कार का संचालन कर रहा है। इसके बीच की दूरी 1.2 किलोमीटर है।
कंपनी के अनुसार, मौजूदा केबल कार के जरिए हर साल करीब दो लाख श्रद्धालु मौलाकालिका मंदिर पहुंचते हैं। ग्रुप के अध्यक्ष चंद्र ढकाल ने बताया कि केबल कार सेवा शुरू होने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास