एशियाई पैरा खेल: सुवर्णा राज ने जीता स्वर्ण, भारत को दो और कांस्य पदक

22 Oct 2026 07:39:53
सुवर्णा राज (फोटो-भारतीय खेल प्राधिकरण)


चक्का फेंक में सुवर्णा ने 15.66 मीटर के प्रयास से हासिल किया पहला स्थान

पैरा बैडमिंटन में मनीषा रामदास-प्रमोद भगत और कृष्णा नागर-नित्या श्री को कांस्य

आइची-नागोया, 22 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने एशियाई पैरा खेल-2026 में गुरुवार को महिला चक्का फेंक की एफ-54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दिन का पहला स्वर्ण दिलाया। उन्होंने 15.66 मीटर की दूरी तय कर शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, पैरा बैडमिंटन में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी के साथ कृष्णा नागर और नित्या श्री ने भी कांस्य पदक जीते। इन पदकों के साथ भारत की पदक संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

छह खिलाड़ियों के बीच हुई चक्का फेंक स्पर्धा में सुवर्णा ने अपने छह प्रयासों में से चार बार चक्का 15 मीटर से अधिक दूर फेंका। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पांचवें प्रयास में आया। ईरान की शाहला हदीदी ने 15.45 मीटर के प्रयास से रजत, जबकि वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थुई ने 14.65 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।

सुवर्णा उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की रहने वाली हैं और एफ-54 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करती हैं। वर्ष 2017 से खेलों में सक्रिय सुवर्णा तीन एशियाई पैरा खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वर्ष 2026 में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में आयोजित ट्रैक मीट में उन्होंने चक्का फेंक में स्वर्ण और गोला फेंक में रजत पदक जीता था। दुबई में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था।

मनीषा और प्रमोद को मिश्रित युगल में कांस्य

पैरा बैडमिंटन की मिश्रित युगल एसएल-3-एसयू-5 स्पर्धा के सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी मनीषा रामदास और प्रमोद भगत को इंडोनेशिया की ओकटीला लेआनी रत्री और हिकमत रमदानी के खिलाफ 21-16, 13-21, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीता, लेकिन अगले दोनों गेम गंवा दिए। सेमीफाइनल में हार के बाद मनीषा और प्रमोद को कांस्य पदक मिला।

कृष्णा नागर और नित्या श्री ने भी जीता कांस्य

भारत के कृष्णा नागर और नित्या श्री ने मिश्रित युगल एसएच-6 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया की रीना मार्लीना और सुब्हान के खिलाफ 14-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। दोनों गेम में कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन इंडोनेशियाई जोड़ी ने बढ़त बनाए रखते हुए फाइनल में जगह बनाई। हार के बावजूद कृष्णा और नित्या ने कांस्य पदक जीतकर भारत के पदक खाते में एक और पदक जोड़ा।

एसएल-3-एसयू-5 मिश्रित युगल स्पर्धा के फाइनल में भारत की थुलासिमथि मुरुगेसन और नितेश कुमार का सामना इंडोनेशियाई जोड़ी से होगा। भारतीय जोड़ी के पास स्वर्ण पदक जीतने का अवसर है।

स्वाति चौधरी ने जीता रजत

इससे पहले भारतीय तीरंदाज स्वाति चौधरी ने महिला डब्ल्यू-1 व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता। फाइनल में उन्हें चीन की मेंगकान सेन ने 6-4 से हराया। स्वाति ने मुकाबले में 4-2 की बढ़त बनाई थी, लेकिन चीनी तीरंदाज ने वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।

गुरुवार को सुवर्णा राज के स्वर्ण, स्वाति चौधरी के रजत और पैरा बैडमिंटन में दोनों जोड़ियों के कांस्य पदक सहित भारत की पदक संख्या 66 हो गई है। खबर लिखे जाने तक भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 15 स्वर्ण, 22 रजत और 29 कांस्य पदक जीते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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