वाराणसी में एयरशो 'विंग्स ओवर गंगा' के पहले दिन दिखा रोमांच, वायुसेना ने मोहा मन

22 Oct 2026 12:17:53
आसमान में वायु सेना के हेलिकाप्टर


वाराणसी, 22 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी काशी में भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ का आगाज रोमांच और उत्साह के बीच हुआ। गुरूवार काे पहले दिन गंगा की लहरों के ऊपर आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना, तेज रफ्तार उड़ान और हैरतअंगेज कलाबाजियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काशी में पहली बार इस तरह के हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। सुबह 10 बजे से ही लोग घाटों पर जुटने लगे और गंगा के दोनों तटों पर दर्शकों की भीड़ दिखाई दी।

एयर शो के मुख्य आयोजन से पहले नमोघाट और आसपास के घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। आसमान में विमानों की कतारबद्ध उड़ान, सटीक तालमेल और रोमांचक हवाई करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और सामरिक ताकत का प्रदर्शन देखकर लोग प्रभावित नजर आए। शुरूआत नमोघाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति से हुई।

एयर शो में केदार, सारंग, ओंकार, गंगा, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश, त्रिलोचन और दशाश्वमेध सहित विभिन्न नामों पर आधारित हवाई फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र रहे। विमानों ने अनुशासित उड़ान, सटीक समन्वय और शानदार हवाई युद्धाभ्यास के जरिए वायु योद्धाओं की पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया।

इस आयोजन में भारतीय वायुसेना के विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए विशेष रूप से फॉर्मेशन तैयार किए गए हैं। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम के करतब भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। इसके अलावा ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान की मौजूदगी ने एयर शो की शोभा बढ़ाई।

हवाई प्रदर्शन में कुल 100 विमानों की भागीदारी निर्धारित है। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं। लड़ाकू विमानों की श्रेणी में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए, मिग-29 और जगुआर जैसे विमान शामिल होंगे।

हेलीकॉप्टर बेड़े में लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच), चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, परिवहन एवं सहायक विमानों में सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई शामिल हैं।

इस आयोजन में भारतीय थलसेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टरों तथा भारतीय नौसेना के एक पी-8आई विमान और एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर की भागीदारी भी निर्धारित है। भारतीय वायुसेना के गरुड़ विशेष बल भी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।

एयर शो में शामिल होने वाले विमान देशभर के 12 वायु अड्डों से उड़ान भरेंगे। इनमें चेन्नई के निकट स्थित नौसैनिक वायु स्टेशन अरक्कोणम भी शामिल है। विभिन्न वायु अड्डों से विमानों की भागीदारी भारतीय वायुसेना की व्यापक परिचालन क्षमता, सामरिक पहुंच और विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय को रेखांकित करती है।

गंगा के ऊपर आसमान में विमानों की गर्जना और रोमांचक कलाबाजियों के बीच आयोजित यह एयर शो काशीवासियों के लिए यादगार अनुभव बनता नजर आया। आयोजन के जरिए जहां भारतीय वायुसेना की शक्ति और दक्षता का प्रदर्शन किया जा रहा है, वहीं युवाओं में देश की वायु शक्ति और रक्षा क्षमताओं के प्रति आकर्षण भी देखने को मिला।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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