
रायपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की अध्यक्षता में प्रांत कार्यकारिणी और सांगठनिक सत्रों की अति-महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न हुई।
शुक्रवार को प्रथम सत्र में प्रांत, विभाग और योजना प्रमुखों ने अपनी सालभर की रिपोर्ट पेश की। इस आंतरिक सत्र में सुरक्षा कारणों से भाजपा या किसी भी बाहरी आनुषंगिक संगठन के पदाधिकारियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित था।
दूसरे सत्र में आगामी वर्ष की रणनीति पर विचार किया गया, जिसमें सांगठनिक विस्तार के साथ-साथ चुनिंदा वैचारिक नेताओं और मंत्रियों की भागीदारी की भी चर्चा रही।
बैठक में संगठन के कार्यों की समीक्षा की गई। पिछले एक साल में देश भर में हजारों नई शाखाएं शुरू हुई हैं। संघ प्रमुख ने शाखाओं के साथ संपर्क अभियान जारी रखने पर जोर दिया। इस दौरान संघ के तीन आधार शाखा, कुटुंब और अपनत्व को मजबूत बनाने की बात कही गई।
सत्र में संघ के आगामी शताब्दी वर्ष (100 साल पूरे होने) के उपलक्ष्य में तय किए गए कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रांत और विभाग स्तर के योजना प्रमुखों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट डॉ. मोहन भागवत जी के सामने पेश की।
बैठक में जानकारी साझा की गई कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक साल में 2,311 नई शाखाएं खुली हैं, जिससे अब प्रदेश में कुल शाखाओं की संख्या बढ़कर करीब 5,500 हो गई है। इसे और व्यापक बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शाखाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया। संघ की गतिविधियों में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं और कॉलेज जाने वाले छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक परिसर में मोबाइल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध था और भाजपा या अन्य सहयोगी संगठनों के राजनीतिक नेताओं को इसमें प्रवेश नहीं दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा