
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (हि.स.)। संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर शुक्रवार को कित्तूर की वीरांगना रानी चेन्नम्मा की जयंती और अंग्रेजों के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक विजय की 202वीं वर्षगांठ भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और रेल एवं जल शक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने रानी चेन्नम्मा को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य और बलिदान को याद किया।
रेल एवं जल शक्ति राज्यमंत्री तथा तुमकुरु के सांसद वी. सोमन्ना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सांसद पी.सी. मोहन, डॉ. सुधाकर, कर्नाटक के पूर्व मंत्री मुरुगेश निरानी और बसनगौड़ा पाटिल यतनाल सहित कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए। इस अवसर पर कर्नाटक के विभिन्न जिलों और दिल्ली में रहने वाले कन्नड़ समुदाय के लोगों ने भी रानी चेन्नम्मा को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में विभिन्न मठों के संत भी उपस्थित रहे। इनमें कुडलसंगम के बसव मृत्युंजय स्वामी, शंकरानंद स्वामी, बीदर के आलुर स्थित सिद्धारूढ़ मठ के संत, कक्कमारी के गुरुदेव आश्रम के आत्माराम स्वामी और चलकापुरा के सिद्धारूढ़ मठ के विनायक स्वामी शामिल थे।
इस अवसर पर सोमन्ना ने रानी चेन्नम्मा को देश की अद्वितीय वीरांगना बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल एक युद्ध नहीं लड़ा, बल्कि साम्राज्यवादी सत्ता को चुनौती दी। उनका नाम इतिहास में प्रतिरोध और अदम्य साहस के अमर प्रतीक के रूप में दर्ज है। ऐसी वीर महिला की उपलब्धियों का स्मरण करना सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।
उन्होंने कहा कि संसद के इस पवित्र परिसर में वीरांगना रानी चेन्नम्मा का शौर्य और साहस आज देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। अपनी मातृभूमि और भाषा से प्रेम करने वाले सभी लोगों के लिए उनका जीवन गर्व का विषय है। उन्होंने लोगों से हर वर्ष एकत्र होकर ऐसी महान विभूतियों को याद करने की अपील की।
सोमन्ना ने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रोत्साहन से प्रत्येक वर्ष इस कार्यक्रम के आयोजन का अवसर मिल रहा है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा सचिवालय के अधिकारियों, रेल मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी आयोजन की अनुमति और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में बसव मृत्युंजय स्वामी ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने संसद परिसर के प्रेरणा स्थल पर प्रतिवर्ष रानी चेन्नम्मा की स्मृति में इस तरह का आयोजन करने की पहल के लिए सोमन्ना की सराहना की और प्रसन्नता व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार