
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 320 नई स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल सीटों को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार करीब 415 करोड़ का अनुदान देगी। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।
जेपी नड्डा ने साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में 320 नई पीजी सीटों की मंजूरी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग और कैंसर सहित विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार से इस संबंध में प्रस्ताव 23 जून 2026 को प्राप्त हुआ था। इसके बाद छह अक्टूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा हुई। अब केंद्र सरकार ने प्रस्तावित सभी 320 सीटों को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रस्ताव पर तेजी से कार्रवाई की है। अब राज्य सरकार को भी स्वीकृत सीटों को शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों और प्रदेश की जनता को जल्द लाभ मिल सके।
मंजूर की गई 320 पीजी मेडिकल सीटों में शिमला के हिस्से में 91 सीटें आई हैं। टांडा और हमीरपुर के मेडिकल कॉलेजों में 57-57 सीटें, मंडी में 55, नाहन में 32 और चंबा में 28 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इन सीटों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा और विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की क्षमता बढ़ेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये की लागत से देशभर में 10,000 नई स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटें बढ़ाने की योजना को भी मंजूरी दी है। हिमाचल प्रदेश की 320 नई पीजी सीटें इसी व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से केंद्र के सहयोग से चल रही अन्य विकास परियोजनाओं को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी और जमीन से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही, केंद्र सरकार की सहायता से बनाए जा रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने की जरूरत बताई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के हित से जुड़े विकास कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार प्रदेश के विकास के लिए हर संभव सहयोग दे रही है और राज्य सरकार से भी अपेक्षा है कि वह इन परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए समय पर पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी