आईटीबीपी स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री ने दी बधाई

24 Oct 2026 12:00:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) स्थापना दिवस पर आईटीबीपी के सभी कर्मियों तथा उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने साेशल मीडिया प्लटफार्म एक्स पर लिखा, हमारे बहादुर 'हिमवीर' साहस, अनुशासन और अटूट प्रतिबद्धता की मिसाल हैं, जो देश की सीमाओं की रक्षा सबसे कठिन इलाकों और बेहद चुनौतीपूर्ण मौसम में करते हैं। सीमाओं की सुरक्षा, आपदाओं के समय राहत कार्य और मानवीय सहायता पहुँचाने में उनकी अहम भूमिका, देश के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा का प्रमाण है। राष्ट्र उनके शौर्य, समर्पण और बलिदान को नमन करता है।

प्रधानमंत्री माेदी ने कहा कि आईटीबीपी के 'हिमवीरों' ने अपने असाधारण साहस से खुद को साबित किया है। उन्होंने हमेशा अद्भुत दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना किया है। उनकी निस्वार्थ सेवा और बलिदान देश के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हिमालय के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में देश की सीमाओं की रक्षा करने से लेकर हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में राष्ट्र की सेवा करने तक, आईटीबीपी के सैनिकों ने अदम्य साहस, अटूट संकल्प और कर्तव्य के प्रति समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। मातृभूमि की सुरक्षा के प्रति उनका समर्पण देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्र सेवा में समर्पित आईटीबीपी के सभी बहादुर सैनिकों के शौर्य को नमन।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आईटीबीपी के 'हिमवीरों' ने अत्यंत कठिन जलवायु परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी अहम योगदान दिया है, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से निपटने के प्रयास भी शामिल हैं। उनका साहस, पेशेवर रवैया और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण, राष्ट्र सेवा की सर्वोत्तम परंपराओं को दर्शाता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उनके शौर्य की गूंज बर्फ से ढके पहाड़ों में सुनाई देती है, जो देश की सुरक्षा के लिए खड़े हर खतरे को धूल में मिला देती है। सबसे कठिन मौसम में भी डटे रहने का उनका जज्बा, सुरक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन शहीदों को नमन, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं सहकारिता मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए, अक्सर बेहद कठिन परिस्थितियों में भी 'हिमवीरों' का साहस, अनुशासन और अटूट संकल्प सेवा और बलिदान की सर्वोत्तम परंपराओं को दर्शाता है। उनका यह समर्पण हर भारतीय के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Powered By Sangraha 9.0