मप्र सेमीकंडक्टर नीति बहुत अच्छी, लेकिन उद्योगों-शिक्षा संस्थानों के बीच कोलोब्रेशन जरूरीः विशेषज्ञ

24 Oct 2026 22:47:53
मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के समापन सत्र में विचार व्यक्त करते हुए विशेषज्ञ


- इंदौर में दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का समापन

भोपाल, 24 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2026 बहुत अच्छी है, लेकिन प्रदेश को चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग, टैलेंट जैसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। चिप इंडस्ट्री के क्षेत्र में शोध और नवाचार करने वाले शौधार्थियों को लेबोरेटरी में जाकर प्रयोग कर सीखने की आवश्यकता है। प्रदेश में उद्योगों और शिक्षा संस्थानों के बीच कोलोब्रेशन होना जरूरी है, तभी हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे।

यह विचार शनिवार को विभिन्न सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे निर्माताओं और विशेषज्ञों ने इंदौर में आयोजित दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के समापन अवसर पर आयोजित अंतिम सत्र में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर चिप इंडस्ट्री में मध्य प्रदेश को एक ऐसा इको सिस्टम तैयार करना होगा, जिससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को नई उडान मिल सकें।

इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस समित के समापन सत्र में आईआईटी कानपुर के प्रो. योगेश चौहान, मावेन सिलिकॉन के फाउंडर एवं सीईओ शिवकुमार पी.आर., आई टाप्स बाय वीएसआई की डॉयरेक्टर अपराजिता बैनर्जी, डिजिटल यूनिवर्सिटी केरला के प्रो. एलेक्स पी जेम्स, ग्लोबल फाउंड्राइस के डायरेक्टर देवेश द्विवेदी और एनआईईटीआईटी-एमईआईटीवाय के डायरेक्टर जनरल एम.एम. त्रिपाठी ने सहभागिता की।

अपराजिता बैनर्जी ने कहा कि मध्य प्रदेश में राज्य शासन, नीति निर्माता और चिप निर्माण कंपनियों को एक प्लेटफार्म पर साथ आना होगा। तभी वे प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आगे ले जा सकेंगे। मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिये एक अच्छा वातावरण और इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। यहां अच्छे शिक्षा संस्थान है, आईटी कंपनियां है, कार्पोरेटस हैं, बेहतर सड़कें और कनेक्टिविटी है। साथ ही सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश में विद्यार्थी रूचि दिखा रहे है।

शिवकुमार ने कहा कि भारत की चिप निर्माण कंपनियों को एआई के साथ जुड़कर और अधिक एडवांस होने की आवश्यकता है। एआई के ताकत को हम नकार नहीं सकतें है। इससे काम आसान हो जाता है और तकनीक की दृष्टि से वह बेहतर होता है। हमारे विद्यार्थियों में बुनियादी ज्ञान है और उसे परिष्कृत करने की आवश्यकता है।

समापन सत्र में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वाले कॉरपोरेटस, इंजीनियर्स, तकनीक विशेषज्ञ एवं शौधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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