
भोपाल, 24 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेलखंडों का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी संजय सक्सेना ने बताया कि सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड की लंबाई 53 किलोमीटर, जबकि रीवा–चुरहट रेलखंड की लंबाई 65 किलोमीटर है। आज इन दोनों रेलखंडों के उद्घाटन के साथ देवेंद्रनगर–चुरहट ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इन दोनों रेलखंडों के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर, तेज और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होगी। रेल संपर्क के विस्तार से सतना, देवेंद्रनगर, रीवा, चुरहट और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवाजाही सुगम होगी तथा क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
संजय सक्सेना के अनुसार, विशेष रूप से सीधी जिले का रेल नेटवर्क से जुड़ना ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आजादी के बाद पहली बार सीधी जिला सीधे रेल संपर्क से जुड़ेगा। इससे जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों और प्रमुख बाजारों तक पहुंचने के लिए अधिक सुगम परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे।
देवेंद्रनगर–चुरहट ट्रेन सेवा के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के विभिन्न जिलों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी। नियमित रेल सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों के समय और यात्रा लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। रेल कनेक्टिविटी का विस्तार क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। बेहतर रेल परिवहन से उद्योगों की स्थापना, व्यापारिक गतिविधियों, कृषि उत्पादों की आवाजाही और स्थानीय बाजारों के विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा। क्षेत्र के खनिज, कृषि और अन्य स्थानीय उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में भी रेल सेवा उपयोगी होगी।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, विंध्य क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से भी इन रेलखंडों का विशेष महत्व है। बेहतर रेल संपर्क से ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। इससे होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रेल परियोजनाओं के संचालन से निर्माण, रखरखाव, परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। छोटे व्यापारियों, स्थानीय उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को शैक्षणिक संस्थानों और रोजगार केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर