
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (हि.स.)। रियल एसेट्स और प्राइवेट क्रेडिट मार्केट्स पर केंद्रित अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में फंड मैनेज करने और वैश्विक व घरेलू संस्थागत निवेशकों, एचएनआई और फैमिली ऑफिसों को इनवेस्टमेंट सॉल्यूशन देने वाली कंपनी ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड का 1,200 करोड़ रुपये का आईपीओ 26 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 28 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने आईपीओ लॉन्च होने से पहले ही 23 अक्टूबर को एंकर निवेशकों से 360 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 29 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 30 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 2 नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 1,585 रुपये से लेकर 1,665 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 9 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम एक लॉट यानी 9 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,985 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट में 117 शेयर के लिए 1,94,805 रुपये तक की बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 72,07,207 शेयर जारी किए जा रहे हैं। यह पूरा इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पर आधारित है, यानी इसके तहत कोई भी फ्रेश शेयर जारी नहीं किया जा रहा है। आईपीओ के जरिये जुटाई गई पूरी रकम बेचने वाले प्रमोटर और शेयरहोल्डर एडेलवाइस सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास जाएगी।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस पूरे इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर्स बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
चूंकि यह आईपीओ 100 प्रतिशत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, इसलिए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए इस पैसे से कंपनी को कोई फंड प्राप्त नहीं होगा और पूरी शुद्ध राशि बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी। कंपनी को उम्मीद है कि इस लिस्टिंग से उसकी ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ेगी और शेयरों को एक पब्लिक मार्केट मिलेगा।
ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 229.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 265.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 80.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 786.54 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 23 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 963.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 336.13 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में थोड़ी कमी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर कुल 507.49 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 441.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 399.20 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 2,085.07 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,170.28 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 2,101.84 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 934.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 1,043.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 1,128.24 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 966.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,075.54 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 1,160.38 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक