

वाराणसी, 24 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित मेगा एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ के दूसरे दिन शनिवार को आसमान में शौर्य, साहस और रोमांच का अद्भुत नजारा देखने को मिला। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज हवाई करतबों से आसमान गूंज उठा। सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने हवा में तिरंगा फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। गंगा के दोनों किनारों पर स्थित घाटों पर जुटे लोगों ने तालियों और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ वायुसेना के जांबाज पायलटों का उत्साह बढ़ाया।
एयरशो की शुरुआत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट के बीच हुई। सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने आसमान में तिरंगे की आकृति बनाकर देशभक्ति का माहौल बना दिया। हेलीकॉप्टरों की सटीक उड़ान और पायलटों के शानदार तालमेल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम के इस प्रदर्शन की चर्चा सोशल मीडिया पर भी होती रही।
इसके बाद सुखोई-30 एमकेआई और राफेल लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत और फुर्ती का प्रदर्शन किया। तेज रफ्तार से उड़ान भरते विमानों की गर्जना से पूरा इलाका गूंज उठा। राफेल ने आसमान में चील की तरह गोता लगाते हुए रोमांचक करतब दिखाए। विमान की तेज गति, अचानक दिशा बदलने और ऊंचाई पर सटीक नियंत्रण देखकर दर्शक देर तक आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे। चिलचिलाती धूप के बावजूद घाटों पर मौजूद लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एयरशो में कुल 100 विमान शामिल हुए। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल है। इन विमानों ने देशभर के 12 वायुसेना अड्डों से उड़ान भरी, जिनमें चेन्नई के निकट स्थित अरक्कोणम का नौसैनिक अड्डा भी शामिल रहा।
प्रदर्शन के दौरान कुल 25 विमान फॉर्मेशन के जरिये भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया गया। सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, तेजस और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमान एयरशो के प्रमुख आकर्षण रहे। इसके अलावा तीन एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टरों सहित विभिन्न हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
कम ऊंचाई पर उड़ान, अचानक दिशा बदलने, ऊंचाई पर चढ़ने-उतरने और आसमान में गोलाकार फॉर्मेशन बनाने जैसे करतबों ने दर्शकों को रोमांचित किया। विमानों के बीच सटीक तालमेल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्हें नियंत्रित करने की पायलटों की क्षमता ने भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता की झलक पेश की। काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन भी प्रदर्शन का खास हिस्सा रहे।
एयरशो को करीब से देखने के लिए सुबह से ही नमोघाट और आसपास के गंगा घाटों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। बेहतर जगह पाने के लिए दर्शक पहले ही घाटों पर पहुंच गए। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, हालांकि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से शहर और राजघाट क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ गया। एयरशो के चलते कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति बनी रही।
एयरशो के अंतिम दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित है। उनके आगमन को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। ‘विंग्स ओवर गंगा’ के माध्यम से भारतीय वायुसेना अपनी परिचालन क्षमता, आधुनिक सैन्य तकनीक और वायु योद्धाओं के अदम्य साहस का प्रदर्शन कर रही है। गंगा के ऐतिहासिक तट पर आयोजित यह आयोजन काशीवासियों के लिए रोमांच के साथ राष्ट्रीय गौरव का भी अवसर बन गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी