स्कूल शिक्षा को कौशल विकास व रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

26 Oct 2026 17:21:53
कार्यक्रम की फाइल फोटो


नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (हि.स.)। स्कूल शिक्षा को कौशल विकास, उच्च शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘स्कूल से कार्यक्षेत्र तक पहुंच को सुगम बनाना’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का यहां के आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को शुभारंभ हुआ।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन के पहले दिन विद्यार्थियों को भविष्य की रोजगार संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, कौशल शिक्षा को मुख्यधारा की स्कूली शिक्षा से जोड़ने और करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने समेत कई प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई।

सीबीएसई ने दिल्ली-एनसीआर के सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के सहयोग से सम्मेलन का आयोजन किया है। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टीके अनिल कुमार और सीबीएसई के अध्यक्ष डॉ. मंदीप भंडारी सहित मंत्रालय एवं सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव टीके अनिल कुमार ने स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक विद्यार्थियों की निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसे अवसर मिलने चाहिए, जिनसे वे अपने भविष्य के बारे में सोच-समझकर निर्णय ले सकें और जीवनभर सीखने की प्रक्रिया से जुड़े रह सकें।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो विद्यार्थियों को समाज में योगदान देने और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए सक्षम बनाए। इसके लिए अलग-अलग शिक्षा धाराओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और विद्यार्थियों को उनकी रुचि तथा क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर देना महत्वपूर्ण है।

शिखर सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें तकनीक, डिजिटल सुरक्षा और कौशल; डिजाइन, रचनात्मकता एवं नवाचार; राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के माध्यम से विभिन्न शिक्षा प्रणालियों में कौशल की मान्यता तथा समान अवसरों के साथ करियर मार्गदर्शन शामिल हैं।

इन प्राथमिकताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती तकनीक और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि विद्यार्थियों के कौशल को शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर पहचान मिले और उन्हें आगे की पढ़ाई तथा रोजगार के लिए उपयुक्त मार्ग उपलब्ध हों।

यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की उस परिकल्पना को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसके तहत शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य पारंपरिक स्कूली शिक्षा और व्यावसायिक कौशल के बीच की बाधाओं को कम करना है, ताकि विद्यार्थी शिक्षा पूरी करने के बाद कार्यक्षेत्र में प्रवेश के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

सम्मेलन के दौरान संवादात्मक सत्रों और विशेषज्ञ चर्चाओं के माध्यम से शिक्षण की नवीन पद्धतियों, मूल्यांकन के नए तरीकों और शिक्षा में डिजिटल तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर चर्चा की जा रही है। इसके अलावा स्कूली स्तर पर कौशल शिक्षा को मजबूत करने के लिए सफल मॉडलों और व्यावहारिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।

सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के शिक्षक और शिक्षाविद सम्मेलन में केस-आधारित शोध पत्र तथा पोस्टर प्रस्तुत कर रहे हैं। इनके माध्यम से कौशल शिक्षा के क्षेत्र में अपनाई गई अच्छी प्रथाओं, सफल प्रयोगों और उनके सकारात्मक परिणामों को साझा किया जा रहा है।

सम्मेलन प्रतिभागियों को आपस में संवाद करने, अनुभव साझा करने और भविष्य में सहयोग की संभावनाएं विकसित करने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। इसके जरिए स्कूलों, शिक्षा विशेषज्ञों और उद्योग जगत के बीच साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

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