ऑल टाइम हाई से काफी नीचे लुढ़का सोना, क्या अभी निवेश का सही समय है या और नीचे जाएगी कीमत ?

26 Oct 2026 18:48:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (हि.स.)। जियो पॉलिटिकल टेंशन और दुनिया भर के स्टॉक मार्केट में दबाव की स्थिति होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल में परंपरा के विपरीत लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। आमतौर पर शेयर बाजार की कमजोरी या दुनिया के किसी हिस्से में तनाव जैसे हालात बनने पर सोना और चांदी के भाव में तेजी आती है, लेकिन फिलहाल स्थिति इसके पूरी तरह से विपरीत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना ऑल टाइम हाई से 25 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट का शिकार हो चुका है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस साल जनवरी में सोने की कीमत में जबरदस्त तेजी आई थी। जनवरी के बाद ये चमकीली धातु लगातार नीचे गिरती चली गई। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालिया बिकवाली के बावजूद लंबी अवधि में सोने में तेजी का ट्रेंड अभी भी बरकरार रहने वाला है। वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की खरीदारी और जियो पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी के कारण निचले स्तर पर सोने की कीमत को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल की बात करें, तो इस साल 28 जनवरी को हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 5,600 डॉलर प्रति औंस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। इसके बाद मध्यपूर्व में बने तनाव, कच्चे तेल की कीमत मे आई तेजी की वजह से वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के चलते भी सोने की चाल पर काफी बुरा असर पड़ा। खासकर, सोना को सेफ इन्वेस्ट समझने की धारणा भी इससे काफी हद तक प्रभावित हुई। इसी वजह से सोना के भाव में 25 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ गई। आज भारतीय समय के मुताबिक शाम छह बजे सोना 4,018.97 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की तरह ही घरेलू बाजार में भी सोने की चाल वैश्विक रुझानों के बिल्कुल अनुरूप रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर इस साल 29 जनवरी को गोल्ड फ्यूचर्स अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 1,76,306 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। ऑल-टाइम हाई से आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों में मुनाफावसूली का रुख देखा गया, जिससे भाव नीचे आ गए। आज घरेलू बाजार में सोने की चाल में थोड़ी रिकवरी दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर आगामी दिसंबर डिलीवरी वाला गोल्ड वायदा मामूली सुधार के साथ 1,42,024 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। हाजिर सर्राफा बाजार में सोना अलग-अलग शहरों में 1,42,500 रुपये से लेकर 1,45,436 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है।

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट मयंक मोहन के अनुसार ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रहे उछाल के कारण गैर-यील्ड वाली संपत्तियों जैसे सोने की होल्डिंग लागत बढ़ गई है, जिससे इसकी कीमतों पर कुछ दबाव बना हुआ है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमत में आज आई 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट से महंगाई की चिंताएं कुछ कम हुई हैं। निवेशक अब पूरी तरह से इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर नजरें टिकाए हुए हैं, जिससे सोने की आने वाली दिशा तय होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान एकमुश्त भारी लिवाली से बचना चाहिए। इसके साथ ही हर गिरावट पर छोटी छोटी मात्रा में निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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