हाइलो ओपन में सिंधु और लक्ष्य सेन पर रहेंगी नजरें, 27 अक्टूबर से टूर्नामेंट

26 Oct 2026 17:24:53
पीवी सिंधु


नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (हि.स.)। भारत की पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन मंगलवार से शुरू हो रहे हाइलो ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे। फ्रांस ओपन में उपविजेता रहीं सिंधु की नजरें वापसी करते हुए खिताब जीतने पर होंगी, जबकि लक्ष्य सेन खराब नतीजों के सिलसिले को पीछे छोड़कर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे।

विश्व बैडमिंटन महासंघ विश्व टूर के सुपर 500 श्रेणी का यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से एक नवंबर तक जर्मनी के सारब्रुकेन स्थित सारलैंडहाले में खेला जाएगा। प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि पांच लाख अमेरिकी डॉलर है। वर्ष 2025 और 2026 के लिए इस टूर्नामेंट को फिर से सुपर 500 का दर्जा दिया गया था। पिछले साल इसकी पुरस्कार राशि 4.75 लाख अमेरिकी डॉलर थी और पुरुष तथा महिला एकल के विजेताओं को 35,625 अमेरिकी डॉलर मिले थे।

पिछले साल पुरुष एकल का खिताब जोनाथन क्रिस्टी और महिला एकल का खिताब मिया ब्लिचफेल्ट ने जीता था। पुरुष एकल में एंडर्स एंटोनसेन को शीर्ष वरीयता दी गई है। उनके बाद क्रिस्टो पोपोव, एलेक्स लानिएर, जोनाथन क्रिस्टी, कोडाई नाराओका और तोमा जूनियर पोपोव का नंबर है। भारत के लक्ष्य सेन सातवीं और आयुष शेट्टी आठवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं।

फ्रांस ओपन के प्रदर्शन से प्रेरित सिंधु

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु फ्रांस ओपन सुपर 750 में उपविजेता रहने के बाद जर्मनी पहुंची हैं। उन्होंने फाइनल में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी दक्षिण कोरिया की आन से यंग के खिलाफ पहला गेम जीता, लेकिन इसके बाद मुकाबला 16-21, 21-11, 21-12 से गंवा दिया।

आन से यंग के खिलाफ 11 मुकाबलों में यह केवल दूसरी बार था, जब सिंधु उनसे एक गेम जीतने में सफल रहीं। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी लगातार 50 मुकाबले जीत चुकी हैं। विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर काबिज सिंधु ने फ्रांस ओपन के सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेची को हराया था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब भी जीता था। पैर की चोट से उबरने के कारण सिंधु पिछले साल हाइलो ओपन में नहीं खेली थीं।

यामागुची को हराकर चर्चा में आईं अश्मिता

भारत की अश्मिता चालिहा ने फ्रांस ओपन में अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। 27 वर्षीय और विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर मौजूद अश्मिता ने तीन बार की विश्व चैंपियन तथा विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज जापान की अकाने यामागुची को 37 मिनट में 21-19, 21-18 से हराया।

यामागुची ने इससे एक सप्ताह पहले डेनमार्क ओपन में अश्मिता को सीधे गेमों में हराया था। हालांकि, फ्रांस ओपन के क्वार्टर फाइनल में अश्मिता को नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। अश्मिता ने इस साल कोरिया मास्टर्स सुपर 300 में अपने करियर का पहला विश्व टूर खिताब जीता था।

लक्ष्य सेन को वापसी का मौका

लक्ष्य सेन चिकित्सकीय कारणों से फ्रांस ओपन में अपना पहले दौर का मुकाबला खेले बिना हट गए थे। इससे पेरिस में उनका अभियान शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन लक्ष्य अब हाइलो ओपन में सातवीं वरीयता के साथ उतरेंगे। उनके पास पिछले कुछ समय के निराशाजनक नतीजों को पीछे छोड़कर लय हासिल करने का मौका होगा।

आयुष शेट्टी की फिटनेस पर नजर

आयुष शेट्टी ने फ्रांस ओपन के पहले दौर में हमवतन किदांबी श्रीकांत को हराया था, लेकिन जापान के कोडाई नाराओका के खिलाफ मुकाबले में चोट के कारण उन्हें हटना पड़ा। उस समय वह 17-21, 6-11 से पीछे थे। हाइलो ओपन में आठवीं वरीयता प्राप्त आयुष की फिटनेस पर नजर रहेगी। नाराओका भी इस टूर्नामेंट में पांचवीं वरीयता के साथ खेलेंगे।

टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ी

पुरुष एकल में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी के अलावा तरुण मन्नेपल्ली, एचएस प्रणय और किरण जॉर्ज भी भारतीय चुनौती पेश करेंगे। शंकर मुथुसामी सुब्रमण्यम क्वालीफाइंग दौर में हिस्सा लेंगे।

महिला एकल में देविका सिहाग, आकर्षी कश्यप, मालविका बंसोड़, ईशारानी बरुआ, उन्नति हुड्डा, अनमोल खरब, अश्मिता चालिहा और पीवी सिंधु मुख्य भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं। मेघना क्वालीफाइंग दौर में उतरेंगी।

पुरुष युगल में अच्युतादित्य और अर्जुन की जोड़ी क्वालीफाइंग दौर में खेलेगी। उन्नति हुड्डा पिछले साल इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं और इस बार वह अपने प्रदर्शन में और सुधार करना चाहेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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