
केपटाउन, 26 अक्टूबर (हि.स.)। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया ने निक मैडिनसन और सैम हार्पर को अपनी टीम से रिलीज कर दिया है। दोनों खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के लिए शेफील्ड शील्ड में खेलने लौटेंगे। अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ की फिटनेस पर फैसला होना बाकी है। क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे टेस्ट में उनकी उपलब्धता का निर्णय अभ्यास सत्र के बाद लिया जाएगा।
मैडिनसन शुक्रवार से शुरू होने वाले शेफील्ड शील्ड मुकाबले में न्यू साउथ वेल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि हार्पर शनिवार से क्वींसलैंड के खिलाफ होने वाले मैच के लिए विक्टोरिया की टीम से जुड़ेंगे।
जोश इंग्लिस की उंगली में फ्रैक्चर होने के बाद हार्पर को विकेटकीपर के विकल्प के तौर पर ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किया गया था। हालांकि, इंग्लिस को अब विकेटकीपिंग के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। ऐसे में एलेक्स कैरी को कोई परेशानी होने पर वह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
मैडिनसन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में अप्रत्याशित रूप से टीम में वापस बुलाया गया था। हालांकि, चार पारियों में वह शून्य, 48, शून्य और आठ रन ही बना सके। उनके टीम से बाहर होने के बाद मैट रेनशॉ के ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करने की संभावना बढ़ गई है।
हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की अंतिम एकादश का फैसला स्मिथ की फिटनेस पर भी निर्भर करेगा। दूसरे टेस्ट के दौरान गकेबरहा में उन्हें गर्दन में परेशानी हुई थी। निर्णायक मुकाबले के लिए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को उन्हें नेट्स में पूरा अभ्यास सत्र करना होगा।
रविवार को स्मिथ ने बिना हेलमेट पहने माइकल डि वेनुटो की साइडआर्म गेंदों का सामना करते हुए लगभग 15 मिनट बल्लेबाजी की। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा कि स्मिथ की वापसी की संभावना पर फैसला करना आसान नहीं होगा।
मैकडोनाल्ड ने क्रिकट ऑस्ट्रेलिया के हवाले से कहा, “हमें लगता है कि उनके उपलब्ध होने के लिहाज से काफी कठिन प्रगति करनी होगी। हालांकि, अगर आज हमें कोई सकारात्मक आश्चर्य मिलता है, तो उसका असर दिखाई देगा।”
ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ताओं को सोमवार सुबह अंतिम एकादश तय करनी थी। इसके बाद टीम न्यूलैंड्स में दोपहर को अपना अंतिम अभ्यास सत्र करेगी।
अगर स्मिथ तीसरे टेस्ट से बाहर रहते हैं, तो मार्नस लाबुशेन के तीसरे नंबर पर बने रहने की संभावना है। हालांकि, उनकी फॉर्म और बल्लेबाजी क्रम में जगह को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के चयन समिति प्रमुख जॉर्ज बेली ने स्वीकार किया कि लाबुशेन अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने क्रीज पर समय बिताने की लाबुशेन की क्षमता का भी बचाव किया।
बेली ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि पिछले कुछ समय में सभी की ओर से कही गई बातों के अलावा मेरे पास जोड़ने के लिए कुछ और है। हमने कुछ अच्छी चीजें देखी हैं। क्या फिलहाल 30 रन के आसपास पहुंचने के बाद उन्हें आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है? हां। फिर भी वह काफी गेंदें खेलकर क्रीज पर समय बिता रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि चयनकर्ताओं को यह देखना होगा कि यदि लाबुशेन फिर 30 रन के आसपास पहुंचते हैं, तो इसका टीम के सामूहिक प्रदर्शन पर क्या असर होगा और क्या उनकी पारी टीम को मनचाहा नतीजा हासिल करने में मदद कर सकती है।
बेली ने मैडिनसन को दक्षिण अफ्रीका दौरे पर लाने के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम से रिलीज होने का मतलब यह नहीं है कि मैडिनसन का टेस्ट करियर समाप्त हो गया है।
बेली ने कहा कि मैडिनसन से अधिक रन बनाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले से चयनकर्ताओं को बाकी खिलाड़ियों के संयोजन को अपनी योजना के अनुसार तैयार करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा, “हम हमेशा इस बात पर चर्चा करते हैं कि जब कोई खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में होता है, तो हम उसमें क्या देखते हैं। डरबन में दूसरी पारी में इसकी झलक देखने को मिली थी। मैं चाहता था कि घर लौटते समय उन्हें यह स्पष्ट रहे कि उनका चयन केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं था और न ही टीम से बाहर होना उन्हें पूरी तरह खारिज करना है।”
बेली ने आगे कहा कि मैडिनसन को दौरे पर लाने और खेलने का मौका देने के लिए जिन कारणों और प्रक्रिया पर विचार किया गया था, उन्हीं के आधार पर घरेलू सत्र में भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भी उनका आकलन किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। केपटाउन में होने वाला तीसरा टेस्ट सीरीज के विजेता का फैसला करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे