पाकिस्तान में चीन-पाकिस्तान सूचना गलियारे की शुरुआत, मीडिया सहयोग पर जोर

युगवार्ता    27-Oct-2026
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इस्लामाबाद, 27 अक्टूबर (हि.स.)। चीन और पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मीडिया, तथ्य-जांच, कारोबार, शोध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को चीन-पाकिस्तान सूचना गलियारे की शुरुआत की। इस पहल का लक्ष्य दोनों देशों के नागरिकों के बीच संवाद और आपसी समझ को मजबूत करना है।

इस अवसर पर पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रेस, संचार एवं सार्वजनिक कूटनीति विभाग की महानिदेशक और मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग तथा पाकिस्तान में चीन के राजदूत जियांग जैदोंग मौजूद रहे। कार्यक्रम में मीडिया, थिंक टैंक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 600 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

समारोह को संबोधित करते हुए तरार ने कहा कि जहां चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है, वहीं सूचना गलियारे का उद्देश्य संवाद और साझा समझ के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच नजदीकी बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। इनमें गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए मीडिया सहयोग और तथ्य-जांच, दोनों देशों के उद्यमों के बीच कारोबारी संबंध मजबूत करना, थिंक टैंक और शोध संस्थानों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान तथा संस्कृति, पर्यटन और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना शामिल है।

चीन की प्रवक्ता माओ निंग ने चीन और पाकिस्तान को हर मौसम में साथ देने वाला रणनीतिक सहयोगी बताते हुए कहा कि सीपीईसी से दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ मिले हैं। उन्होंने कहा कि कहानियां लोगों की सोच और व्यवहार को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं। चीन और पाकिस्तान के बीच सहयोग की ऐसी अनेक कहानियां हैं, जिन्हें सामने लाने की जरूरत है।

माओ के मुताबिक, सूचना गलियारा दोनों देशों के सहयोग से जुड़ी सकारात्मक कहानियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने और आम लोगों के बीच मित्रता के समर्थन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

चीन के राजदूत जियांग जैदोंग ने कहा कि दोनों देशों के विभिन्न विभागों, विशेषकर कूटनीति और सूचना से जुड़े संस्थानों के साथ मीडिया और शोध संगठनों के सहयोग से यह पहल विचार से आगे बढ़कर वास्तविकता बनी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे व्यावहारिक सहयोग के लिए अनुकूल जनमत तैयार करने और दोनों देशों के बीच साझा भविष्य की अवधारणा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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