इजराइल में आम चुनाव के लिए मतदान शुरू, दुनिया की नजर नेतन्याहू की जीत-हार पर

27 Oct 2026 08:46:53
चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का सीधा मुकाबला पूर्व आईडीएफ प्रमुख गादी आइजनकोट है। फोटो - इंटरनेट मीडिया


तेल अवीव (इजराइल), 27 अक्टूबर (हि.स.)। देश में आज आम चुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे (स्थानीय समय) शुरू हो गया। लोग रात 10:00 बजे तक वोट डाल सकेंगे। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा, ईरान, लेबनान, सीरिया और यमन में हुई लड़ाइयों के बाद यह पहला चुनाव है। चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का सीधा मुकाबला पूर्व आईडीएफ प्रमुख गादी आइजनकोट से माना जा रहा है। कई चुनावी सर्वे में यह साफ तौर पर सामने आया है कि 120 सीटों वाली संसद (नेसेट) में किसी को भी बहुमत नहीं मिलेगा। नेतन्याहू चुनाव जीतते हैं या हारते हैं, इस पर सारी दुनिया की नजर है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल में आम चुनाव से ठीक पहले कुछ लोगों ने बदलाव की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने बेंजामिन नेतन्याहू के सत्ता में बने रहने का समर्थन किया। गाजा में फिलिस्तीनियों का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन से कब्जे के तहत उनके जीवन की वास्तविकता में कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

इजराइल के अखबारों की रिपोर्ट के अनुसार, नेसेट में 120 सीटे हैं। बहुमत के लिए आधे से एक अधिक 61 सीट चाहिए। देश में आनुपातिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था है। यहां पार्टियों को वोट के अनुपात में सीटें मिलती हैं। इसी वजह से देश में गठबंधन की सरकार भी बनी है। अगर कोई गुट 61 सीटों तक नहीं पहुंचता तो अल्पमत की सरकार बन सकती है। वह भी न बने तो चुनाव कराए जा सकते हैं। तब तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में बने रहेंगे।

नेतन्याहू देश की राजनीति में ढाई दशक से हैं। वह इस समय में इतिहास की सबसे दक्षिणपंथी सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। वह सत्ता में बने रहने के लिए अन्य दक्षिणपंथी नेताओं की मदद ले सकते हैं। ये दक्षिण पंथी नेता वेस्ट बैंक को इजराइल में मिलाने की मांग कर रहे हैं। वह गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की मांग कर रहे हैं। नेतन्याहू को सबसे कड़ी टक्कर गादी आइजनकोट दे रहे हैं।

गादी सेना प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने पिछले ही साल अ यशर पार्टी बनाई है। यह पार्टी का पहला चुनाव है। गाजा युद्ध के शुरुआती महीनों में उनके सैनिक बेटे की मौत हो गई थी। वे नेतन्याहू की युद्ध कैबिनेट में थे। युद्ध से निपटने के तरीके पर असहमति जताते हुए 2024 में इस्तीफा दे दिया था। उनका चुनाव अभियान सात अक्टूबर की विफलता की जवाबदेही तय करने की मांग करता है। इनके अलावा कुछ अन्य चेहरे भी मैदान में हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और एविग्दोर लीबरमैन हैं। दोनों धुर दक्षिणपंथी माने जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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