फिलीपींस दौरे पर राजनाथ ने अमेरिकी युद्ध सचिव हेगसेथ से रक्षा संबंधों पर वार्ता की

28 Oct 2026 13:55:53
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ


- दोनों नेताओं ने 10 साल के भारत-अमेरिका डिफेंस फ्रेमवर्क की प्रगति पर फोकस किया

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस में 13वें एडीएमएम-प्लस के मौके पर अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ बातचीत की, जिसमें भारत-अमेरिकी रक्षा संबंधों की समीक्षा करके उन्हें और आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई। फिलीपींस के सेबू में कॉन्क्लेव के दौरान हुई बैठक में दोनों नेताओं ने 10 साल के रक्षा संबंधों के फ्रेमवर्क में सैन्य प्रौद्योगिकी, सूचना साझाकरण और सह-निर्माण पर फोकस किया। बातचीत का मुख्य फोकस आपसी रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर था।

रक्षा मंत्री सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में हेगसेथ के साथ अपनी बातचीत को 'बहुत बढ़िया' बताया। उन्होंने कहा कि आज एडीएमएम-प्लस मीटिंग के दौरान ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम और डिफेंस मिनिस्टर रिचर्ड मार्लेस से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा करने, मिलिट्री इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को सुलझाने करने पर अच्छी बातचीत की। उन्होंने कहा कि हमने अपने 10 साल के इंडिया-अमेरिका डिफेंस फ्रेमवर्क की प्रोग्रेस का रिव्यू किया, जिससे मिलिट्री टेक्नोलॉजी, इंफॉर्मेशन शेयरिंग और को-प्रोडक्शन में स्ट्रेटेजिक कन्वर्जेंस को बढ़ावा मिला। हमारी मजबूत पार्टनरशिप एक फ्री, ओपन और सिक्योर इंडो-पैसिफिक के लिए एक नींव का पत्थर बनी हुई है।

अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने अपनी तरफ से कहा कि भारतीय रक्षा मंत्री के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। हमने अपनी प्रमुख रक्षा साझेदारी के फ्रेमवर्क की सालगिरह मनाई और कोऑपरेशन को मजबूत करने के तरीके खोजे। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के तहत दोनों देशों के बीच कूटनीतिकरिश्तों में लगातार तनाव के बावजूद इंडिया-अमेरिका डिफेंस रिश्ते बेहतर हो रहे हैं। लगभग 11 साल पहले अमेरिका ने इंडिया को 'मेजर डिफेंस पार्टनर' नामित किया था, जिससे जरूरी सैन्य उपकरण और तकनीक साझा करने का रास्ता बना।

भारत और अमेरिका ने पिछले साल अक्टूबर में डिफेंस फ्रेमवर्क पैक्ट पर साइन किए थे, जो दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा रोडमैप तय करता है। दोनों देशों ने पिछले कुछ सालों में अहम डिफेंस और सिक्योरिटी पैक्ट्स पर भी साइन किए हैं, जिसमें 2016 में लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट भी शामिल है, जो उनकी सेनाओं को सप्लाई की रिपेयर और रिप्लेनिशिंग के लिए एक-दूसरे के बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देता है। भारत और अमेरिका ने 2018 में कम्युनिकेशंसकंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट पर भी साइन किए थे। यह यह एग्रीमेंट दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और अमेरिका से भारत को हाई-एंड टेक्नोलॉजी की बिक्री का प्रावधान करता है।---------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम

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