
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)।राजधानी दिल्ली में मॉक पार्लियामेंट के आयोजन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। सूत्री के अनुसार इंडी गठबंधन की ओर से प्रस्तावित मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम के दिन ही ‘सिटिजंस फॉर डेमोक्रेसी’ के बैनर तले भी एक अलग कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसमें बड़ी संख्या में नागरिकों के शामिल होने की बात कही गई है।
सूत्रों के अनुसार सड़क पर चल रही ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की मांग और अराजकता के खिलाफ देशभर के राष्ट्रवादी नागरिकों के बैनर तले यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य विपक्ष की ओर से किए जा रहे राजनीतिक कार्यक्रम के समानांतर अपनी बात रखना बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में भाजपा का कोई नेता या सांसद प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होगा। इस तरह आयोजन को भाजपा के आधिकारिक राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय ‘सिटिजंस फॉर डेमोक्रेसी’ के बैनर तले नागरिकों की ओर से आयोजित कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की वास्तविक संख्या और आयोजन के विस्तृत एजेंडे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दरअसल ये पूरा मामला तब सामने आया जब कांग्रेस और इंडी गठबंधन की ओर से भी इसी तरह का मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी बताई जा रही है। ऐसे में एक ही दिन दो अलग-अलग मंचों पर संसदीय शैली में कार्यक्रम आयोजित होने से राजनीतिक विमर्श के समानांतर स्वरूप देखने को मिल सकता है।
इन आयोजनों के जरिए अलग-अलग पक्ष अपने विचार, राजनीतिक संदेश और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को सामने रख सकते हैं। हालांकि, दोनों कार्यक्रमों का अंतिम एजेंडा, प्रतिभागियों की सूची और आयोजन के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दे सामने आने के बाद ही उनकी रूपरेखा अधिक स्पष्ट होगी।
खबरों के अनुसार इंडी गठबंधन का कार्यक्रम अब 30 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर दोपहर 3:30 बजे आयोजित करने की बात सामने आई है। पहले अशोका होटल में कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन कांग्रेस के अनुसार वहां और रामलीला मैदान में अनुमति नहीं मिलने के बाद स्थान बदला गया।
क्या होता है मॉक पार्लियामेंट?
मॉक पार्लियामेंट यानी ‘नकली संसद’ एक ऐसा अभ्यास या प्रतीकात्मक आयोजन होता है, जिसमें वास्तविक संसद की कार्यवाही की तरह बहस, चर्चा, प्रस्ताव और सवाल-जवाब किए जाते हैं। इसमें प्रतिभागी सांसदों की भूमिका निभाते हैं और किसी समसामयिक मुद्दे, सरकारी नीति या राजनीतिक विषय पर अपने विचार रखते हैं।
शैक्षणिक संस्थानों में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन आमतौर पर छात्रों को संसदीय लोकतंत्र, विधायी प्रक्रिया और सदन की कार्यवाही समझाने के लिए किया जाता है। वहीं, राजनीतिक और नागरिक संगठनों की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट का इस्तेमाल किसी मुद्दे पर अपनी राय सामने रखने, सरकार या विपक्ष की नीतियों पर बहस करने और जनमत को आकर्षित करने के लिए भी किया जा सकता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय