
कोलकाता, 28 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के संभावित खतरे और इसके प्रभाव से होने वाली भारी बारिश तथा तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। खराब मौसम के कारण विमानों के परिचालन में किसी भी प्रकार की बाधा को टालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई अड्डा प्रशासन ने युद्ध स्तर पर एहतियाती कदम उठाए हैं। मौसम विभाग द्वारा शहर के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसमें अगले दो-तीन दिनों तक, विशेषकर 28-29 अक्टूबर को तेज आंधी और गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
नागरिक विमानन सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने मंगलवार को तूफान से प्रभावित होने वाले संभावित हवाई अड्डों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की थी। एएआई के अध्यक्ष पुनीत कंसल की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशकों के साथ कोलकाता, चेन्नई, तिरुपति, रायपुर, कडप्पा, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा, राजमुंदरी और झारसुगुड़ा हवाई अड्डों के निदेशकों ने हिस्सा लिया। भोगापुरम और हैदराबाद हवाई अड्डों के हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) अधिकारियों के साथ-साथ कोलकाता हवाई अड्डे के निदेशक विक्रम सिंह भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।
खराब मौसम के बावजूद उड़ानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता हवाई अड्डे की परिचालन टीम और हवाई यातायात नियंत्रण विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे के पार्किंग बे में खड़े विमानों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था की जा रही है। तेज हवाओं के झोंकों से विमानों के खिसकने या आपस में टकराने के खतरे को टालने के लिए उन्हें उचित तरीके से बांधा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, रनवे और टर्मिनल क्षेत्र के बाहर मौजूद उपकरणों को भी सुरक्षित किया जा रहा है। जेट ब्रिज, एयरोब्रिज और आपातकालीन बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए जनरेटर जैसे भारी उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया जा रहा है या मजबूती से बांधा जा रहा है ताकि बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचे।
हवाई अड्डा प्रशासन तूफान की दिशा और उसकी तीव्रता पर लगातार पैनी नजर रख रहा है। सभी विमानन कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है, और मौसम अधिक बिगड़ने की स्थिति में विमानों को सुरक्षित हवाई अड्डों की ओर मोड़ने (डायवर्ट करने) की आकस्मिक योजना भी तैयार कर ली गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिस्थितियों के अनुसार एयरलाइंस अपनी उड़ानों के समय में देरी कर सकती हैं या उन्हें अस्थायी रूप से रद्द भी कर सकती हैं। इसे देखते हुए कोलकाता हवाई अड्डा प्रशासन ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित विमानन कंपनियों से उड़ान की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर