
कानपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय ने उत्तर क्षेत्रीय अंतर-विश्वविद्यालय महिला शतरंज प्रतियोगिता में चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। 26 से 29 अक्टूबर तक छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में गुरुवार को आयोजित प्रतियोगिता में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी दूसरे और मेजबान सीएसजेएमयू तीसरे स्थान पर रहा। पंजाब विश्वविद्यालय को चौथा स्थान मिला।
प्रतियोगिता के समापन समारोह में सीएसजेएमयू के प्रति-कुलपति प्रो. सुधांशु पांड्या ने कहा कि शतरंज खिलाड़ियों में एकाग्रता, तार्किक चिंतन, धैर्य और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा निखारने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने छह मुकाबलों में पांच जीत और एक ड्रॉ के साथ कुल 11 अंक हासिल किए। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 10 अंक जुटाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि सीएसजेएमयू की टीम नौ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
व्यक्तिगत प्रदर्शन में मेजबान विश्वविद्यालय की सुमुखी शुक्ला ने बोर्ड-1 पर छह मुकाबलों में 5.5 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, बोर्ड-2 पर जिज्ञासा मीना छह मुकाबलों में पांच अंक के साथ शीर्ष पर रहीं।
प्रतियोगिता का आयोजन सीएसजेएमयू ने कानपुर चेस एसोसिएशन के सहयोग से किया। समापन समारोह में विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन जीविगुंटा, डॉ. प्रभाकर पांडेय, डॉ. राजेश प्रताप सिंह, डॉ. श्रवण कुमार यादव, खेल सचिव शुभम हज़ारिया और संयुक्त खेल सचिव सौरभ तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजन में टूर्नामेंट डायरेक्टर दिलीप श्रीवास्तव, मुख्य निर्णायक एफए सतेंद्र सिंह और निर्णायक मंडल के सदस्यों ने योगदान दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप