
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री के मिड और डाउन स्ट्रीम सेगमेंट में काम करने वाली प्रमुख ईपीसी कंपनी वेक्ट्रास एनप्रोकोन लिमिटेड का 53.05 करोड़ रुपये का आईपीओ कल यानी 30 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। गुजरात की यह कंपनी पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने, कंबाइंड स्टेशन बनाने और ऑयल एंड गैस स्टेशन से जुड़े बुनियादी ढांचों के निर्माण का कार्य करती है। इसके प्रमुख ग्राहकों में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की दिग्गज ऑयल और गैस कंपनियां शामिल हैं। कंपनी के इस आईपीओ में निवेशक 3 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 4 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 5 नवंबर को सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 6 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 99 रुपये से लेकर 105 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,52,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 50.52 लाख शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत 42.59 करोड़ रुपये मूल्य के 40.56 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि प्रमोटर नयनेश कनुभाई पटेल और महेशकुमार गोपालभाई पटेल द्वारा 10.46 करोड़ रुपये मूल्य के 9.96 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की जा रही है।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 20 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा 14 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के पूर्ण या आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। शेष बची राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी।
वेक्ट्रास एनप्रोकोन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान लगातार मजबूती आई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5.81 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 10.17 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 52 प्रतिशत की और दमदार बढ़त के साथ 15.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों यानी 30 सितंबर तक ही कंपनी को 9.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 54.37 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 80.53 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 49 प्रतिशत की शानदार छलांग के साथ 119.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती छह महीनों यानी 30 सितंबर तक कंपनी को 72.20 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
कंपनी के विस्तार के साथ-साथ इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का कुल कर्ज (टोटल बॉरोइंग) 4.16 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.87 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 22.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर तक कंपनी का कुल कर्ज 31.36 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में इस दौरान लगातार बड़ी मजबूती देखी गई है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 21.47 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 46.50 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में मजबूत होकर 74.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर तक कंपनी की कुल संपत्ति 90.91 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 9.65 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 19.82 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 22.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर तक यह और बढ़ कर 31.85 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 12.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 22.32 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 37.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर तक कंपनी का नेटवर्थ 46.85 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 8.67 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 15.05 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में छलांग लगा कर 24.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 14.54 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक