
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। त्योहारी सीजन के दौरान दिल्ली के स्थानीय बाजारों और व्यापार पर लगातार हो रहे धरने-प्रदर्शनों, रैलियों तथा ट्रैफिक जाम की मार पड़ी है। कारोबारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पिछले एक महीने से ज्यादा समय से जारी इन व्यवधानों की वजह से दिल्ली के व्यापारियों को 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापारिक नुकसान होने का अनुमान जताया है।
दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में जारी धरने, प्रदर्शनों, रैलियों और यातायात में व्यवधानों से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे अब तक दिल्ली के व्यापार को 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। खंडेलवाल ने इसके मद्देनजर दिल्ली भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ताओं से भावपूर्ण अपील की है कि वर्तमान त्योहारों के खरीदारी सीजन में दिल्ली के स्थानीय बाजारों से खरीदारी करके व्यापारिक समुदाय को आर्थिक संबल प्रदान करें।
खंडेलवाल ने कहा कि ऐसे में एक नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर भी व्यापारियों में चिंता है। कैट महामंत्री ने आगे कहा कि राहुल गांधी को अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ दिल्ली के व्यापार, जनजीवन और यहां के लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले इन प्रभावों के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए। खंडेलवाल ने आगे कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों के लिए ये केवल राजनीतिक अखाड़े का विषय है, तो भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इसको दिल्ली के व्यापारियों और मेहनत करने वाले लोगों के प्रति अपने दायित्व के रूप में देखता है।
उन्होंने कहा कि इस नुकसान का दायरा केवल दुकानदारों तक ही सीमित नहीं है। इससे छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, स्ट्रीट वेंडर्स, फेरीवालों, दिहाड़ी मजदूरों, हमालों, परिवहन एवं माल ढुलाई कर्मियों, कारीगरों, डिलीवरी कर्मियों और व्यापार से जुड़े अनेक अन्य वर्गों की आय भी प्रभावित हुई है। खंडेलवाल ने बताया कि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बाधित होने का असर पूरी व्यापारिक श्रृंखला पर पड़ता है, बिक्री घटती है, काम के अवसर कम होते हैं और हजारों परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो जाता है।
खंडेलवाल ने दिल्ली भाजपा के सभी सांसदों, विधायकों, पार्षदों, प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इस त्योहारों के मौसम में कपड़े, मिठाई, उपहार, घरेलू सामान तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी दिल्ली के बाजारों से करें और अपने परिवारों, मित्रों एवं सामाजिक संपर्कों को भी इसके लिए प्रेरित करें। इस पहल में छोटे दुकानदारों, स्थानीय कारीगरों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि आर्थिक सहयोग का लाभ व्यापार से जुड़े सभी वर्गों तक पहुंचे।
कैट महामंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही आम नागरिकों की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियों और मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी के प्रति जिम्मेदारी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम व्यापारियों के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में हमारी खरीदारी किसी दुकानदार को कारोबार का सहारा, किसी मजदूर को काम और किसी परिवार को राहत दे सकती है। यह केवल खरीदारी नहीं, बल्कि अपने लोगों के साथ खड़े होने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर है।
खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली भाजपा का कार्यकर्ता इस अपील को जनसहभागिता के अभियान के रूप में आगे बढ़ाएगा और अपने सामूहिक प्रयासों से दिल्ली के व्यापारिक समुदाय का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों, छोटे कारोबारियों, स्ट्रीट वेंडर्स और मेहनतकश लोगों के साथ खड़ा होना केवल संवेदनशीलता का विषय नहीं, बल्कि हमारी आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर