
पटना, 30 अक्टूबर (हि.स.)। उद्योगपति और भाजपा के वरिष्ठ नेता रवीन्द्र किशोर सिन्हा का शुक्रवार को नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। बिहार में भोजपुर जिले के बहियारा गांव निवासी रविन्द्र किशोर सिन्हा का जन्म 22 सितम्बर 1951 को हुआ था।
पूर्व राज्यसभा सदस्य और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर के सिन्हा ने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर है।
डॉ आरके सिन्हा एसआईएस समूह के संस्थापक और चेयरमैन थे। राजनीति के साथ-साथ उद्योग जगत में उनकी विशिष्ट पहचान थी।
भाजपा के शुरुआती दौर से जुड़े रहे डॉ सिन्हा ने पार्टी और संगठन के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।
स्व आरके सिन्हा के निजी सहायक सतीश राजू और मनीष किशोर ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि बीते वर्ष से ही उनकी हालात नाजुक थी। उनका इलाज सिंगापुर से चल रहा था। आज सुबह यह दुख:द समाचार हमलोगों को प्राप्त हुआ है। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली से पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्थिव शरीर को कब लाया जायेगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा के निधन के बाद भाजपा विधायक संजीव चौरसिया ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। संजीव चौरसिया ने एक्स पर लिखा, 'जनसंघ और भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। उनके जाने से सामाजिक और राजनीतिक जगत को बड़ी क्षति हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दें।
पत्रकारिता से की थी करियर की शुरुआत
स्व. आरके सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। राजनीति विज्ञान और कानून की पढ़ाई करने वाले आरके सिन्हा की लेखन में गहरी रुचि थी। पत्रकारिता के दौर में उन्होंने ‘जनांदोलन’ नाम की किताब लिखी थी। इस किताब में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में 1970 से 1975 के बीच चले छात्र आंदोलन का विस्तार से जिक्र किया गया। वर्ष 2016 से लेकर 2022 तक वे हिन्दुस्थान समाचार संवाद समिति के चैयरमेन के रुप में भी अपनी सेवा दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी