
रायपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासनकाल के दौरान कथित कोल लेवी, शराब घोटाले और अन्य मामलों की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसियों की टीमें प्रदेश के छह शहरों में डेढ़ दर्जन से अधिक कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इनमें रायपुर, गरियाबंद, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी और भिलाई शामिल हैं।
राजधानी रायपुर में कारोबारी अनवर ढेबर के आवास पर एक बार फिर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, ईओडब्ल्यू-एसीबी की टीम कोल लेवी और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रायपुर के वीआईपी एस्टेट स्थित सुदर्शन हाउस में रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के आवास पर पिछले चार से पांच घंटे से जांच जारी है। शर्मा शराब घोटाले से जुड़े मामले में जांच के दायरे में हैं। वहीं, अवंति विहार में प्रॉपर्टी डीलर विनोद धनेचा के घर भी ईओडब्ल्यू की टीम पहुंची है। विनोद धनेचा को अनवर ढेबर का निवेशक बताया जाता है।
इधर, नवापारा-राजिम में शांतिविजय ज्वेलर्स और नवकार ज्वेलर्स के संचालक विमल पारख एवं राजा पारख के ठिकानों पर भी जांच की जा रही है। दोनों का कपड़ों का कारोबार भी बताया गया है।
राजनांदगांव जिला में जय बग्गा और वैभव गोलछा के ठिकानों पर जांच एजेंसियों की टीमें पहुंची हैं। वैभव गोलछा रेत खनन के कारोबार से जुड़े हैं, जबकि जय बग्गा का ई-व्हीकल, ट्रैक्टर और होटल का कारोबार है।
वहीं, दुर्ग जिले के भिलाई-3 में ट्रांसपोर्ट कारोबारी जितेंद्र सिंह के ठिकानों पर भी ईओडब्ल्यू की टीम जांच कर रही है। विभिन्न स्थानों पर जांच और छापेमारी की कार्रवाई जारी है। फिलहाल, जांच एजेंसियों की ओर से इस कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल