दीपावली से पहले नेपाल ने 300 करोड़ रुपये से अधिक के सूखे मेवे आयात किए

30 Oct 2026 13:04:53
नेपाल में ड्राइफ्रूट का आयात


काठमांडू, 30 अक्टूबर (हि.स.)। दीपावली में अब महज एक सप्ताह से 10 दिन का समय बचा है। नेपाल के शहरों से लेकर गांवों तक त्योहार का माहौल बनने लगा है। रंग-बिरंगी रोशनी, गेंदे और सयपत्री के फूलों की खुशबू के बीच तिहार की एक खास परंपरा भाई मसाला की खरीदारी भी शुरू हो गई है। भाई टीका के दिन बहनें अपने भाइयों को सूखे मेवे और मेवों से भरे पैकेट भेंट करती हैं। हालांकि, इस परंपरा को निभाने के लिए नेपाल की निर्भरता विदेशी बाजारों पर काफी अधिक है।

सीमा शुल्क विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिवाली, भैयादूज और छठ जैसे त्यौहारों को देखते हुए नेपाल ने 300 करोड़ रुपये से अधिक के सूखे मेवे आयात किए हैं। अखरोट, काजू और बादाम का आयात ही पहली तिमाही में 150 करोड़ रुपये से अधिक का रहा। इसमें सुपारी, नारियल, अंजीर, किशमिश और भुने हुए मेवों को शामिल करने पर कुल आयात का मूल्य 300 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाता है। आंकड़ों के अनुसार दिवाली से ठीक पहले आने वाले महीने में व्यापारियों ने पिछले दो महीनों की तुलना में काफी अधिक मात्रा में सूखे मेवे आयात किए। इससे त्योहार के दौरान उपहार और घरेलू खपत के लिए बढ़ने वाली मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नेपाल को चीन और चिली से मिलता है अखरोट

छिलके सहित अखरोट के आयात का कारोबार में बड़ा हिस्सा है। पिछले एक महीने में नेपाल ने 14 लाख 50 हजार किलोग्राम छिलके वाले अखरोट आयात किए। इसके लिए 57 करोड़ 33 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया। सरकार को इस आयात से 13 करोड़ 93 लाख 68 हजार रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। नेपाल में अखरोट का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता चीन है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आयात किए गए छिलके वाले अखरोट में से 12 लाख 82 हजार किलोग्राम चीन से आए थे।

दक्षिण अमेरिकी देश चिली दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा। उसने नेपाल को 1 लाख 51 हजार 225 किलोग्राम अखरोट निर्यात किए थे। अन्य देशों में भारत से 901 किलोग्राम, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से 47 किलोग्राम, कतर से 26 किलोग्राम, सऊदी अरब से 5 किलोग्राम और मलेशिया से 2 किलोग्राम अखरोट आयात किए गए। बिना छिलके वाले अखरोट का आयात भी बढ़ा है। गत एक महीने में नेपाल ने 74 हजार 51 किलोग्राम अखरोट आयात किए, जिनका मूल्य 8 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक था। पिछले वर्ष की समान अवधि में लगभग 18 हजार किलोग्राम अखरोट आयात किए गए थे और ये सभी चीन से आए थे।

अमेरिकी बादाम नेपाली घरों तक पहुंच रहे

बादाम भी नेपाल के त्योहार बाजार में अधिक कीमत वाले प्रमुख सूखे मेवों में शामिल हैं। त्यौहार को लक्षित करते हुए पिछले एक महीने में नेपाल ने 50 लाख 60 हजार 79 किलोग्राम बिना छिलके वाले बादाम आयात किए, जिनका मूल्य 47 करोड़ 68 लाख 10 हजार रुपये था। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4 लाख 2 हजार 368 किलोग्राम बादाम आयात किए गए थे।

नेपाल को बादाम की सबसे अधिक आपूर्ति अमेरिका से होती है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, आयात किए गए लगभग 4 लाख किलोग्राम बादाम में से 3 लाख 98 हजार 212 किलोग्राम अमेरिका से आए थे। भारत 2,625 किलोग्राम बादाम के साथ दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था। इसके अलावा सऊदी अरब से 598 किलोग्राम, कुवैत से 479 किलोग्राम, कतर से 272 किलोग्राम, यूएई से 130 किलोग्राम, बहरीन से 29 किलोग्राम, चीन से 11 किलोग्राम और ओमान से 11 किलोग्राम बादाम आयात किए गए थे।

काजू की आपूर्ति में वियतनाम और भारत आगे

नेपाल ने पिछले महीने 4 लाख 69 हजार 416 किलोग्राम बिना छिलके वाले काजू आयात किए। इनका कुल मूल्य 46 करोड़ 56 लाख 78 हजार रुपये था। वियतनाम नेपाल को काजू का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। उसने 2 लाख 8 हजार 674 किलोग्राम काजू निर्यात किए हैं। भारत 1 लाख 56 हजार 21 किलोग्राम के साथ दूसरे स्थान पर था।

पश्चिम अफ्रीकी देश आइवरी कोस्ट 30 हजार किलोग्राम काजू के साथ तीसरे स्थान पर रहा। चीन से 9,089 किलोग्राम और वेनेजुएला से 5,148 किलोग्राम काजू आयात किए गए थे। इसके अलावा खाड़ी देशों से भी काजू की आपूर्ति हुई। कतर से 509 किलोग्राम, यूएई से 199 किलोग्राम, कुवैत से 124 किलोग्राम, सऊदी अरब से 93 किलोग्राम और बहरीन से 24 किलोग्राम काजू आयात किए गए।

भुने और नमकीन मेवों की बढ़ रही मांग

नेपाल में कच्चे मेवों की तुलना में भुने और नमकीन काजू तथा पिस्ता की मांग बढ़ रही है। पैकेटों में बिकने वाले ये तैयार उत्पाद आमतौर पर अधिक कीमत पर उपलब्ध होते हैं। वियतनाम भुने हुए काजू का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा। उसने 19 हजार किलोग्राम काजू निर्यात किए, जिनका मूल्य 2 करोड़ 61 लाख रुपये से अधिक था। भारत ने 14 हजार 919 किलोग्राम, चीन ने 11 हजार 600 किलोग्राम, यूएई ने 6 हजार 237 किलोग्राम और थाईलैंड ने 372 किलोग्राम भुने हुए काजू नेपाल भेजे।

भुने और नमकीन पिस्ता के बाजार में चीन का दबदबा है। नेपाल ने चीन से 87 हजार 658 किलोग्राम पिस्ता आयात किए, जिनका मूल्य 11 करोड़ 56 लाख रुपये था। इंडोनेशिया से 11 हजार 201 किलोग्राम, अमेरिका से 7,938 किलोग्राम, भारत से 2,265 किलोग्राम और थाईलैंड से 227 किलोग्राम पिस्ता आयात किए गए। इसके मुकाबले बिना छिलके वाले कच्चे पिस्ता का आयात काफी कम रहा। नेपाल ने एक महीने में ही 1,936 किलोग्राम कच्चे पिस्ता आयात किए। इसके अलावा भारत से 316 किलोग्राम और थाईलैंड से 120 किलोग्राम भुने हुए बादाम भी आयात किए गए।

सुपारी, नारियल और अंजीर से भी बढ़ रहा आयात बिल

अखरोट, बादाम, काजू और पिस्ता के अलावा नेपाल त्योहारों में उपहार के रूप में दिए जाने वाले अन्य सूखे मेवों का भी बड़े पैमाने पर आयात करता है। पिछले एक महीनों में नेपाल ने 32 लाख 40 हजार किलोग्राम सुपारी आयात की, जिसका मूल्य 84 करोड़ 77 लाख रुपये था। इसी अवधि में 8 लाख 36 हजार किलोग्राम सूखा नारियल आयात किया गया, जिसकी कीमत 21 करोड़ 59 लाख रुपये थी। इसके अलावा देश ने 1,412 किलोग्राम सूखी खजूर और 678 किलोग्राम ताजी खजूर आयात की। अंजीर का आयात 45 हजार किलोग्राम से अधिक रहा।

कृषि प्रधान देश होने के बावजूद नेपाल त्योहारों में इस्तेमाल होने वाले कई सूखे मेवों के लिए विदेशी बाजारों पर निर्भर है। देश के कुछ हिस्सों में अखरोट और बादाम की व्यावसायिक खेती के लिए अनुकूल जलवायु होने की संभावना के बावजूद इनका घरेलू उत्पादन सीमित है। इसी वजह से त्योहारों के समय मांग बढ़ने पर नेपाल को बड़ी मात्रा में सूखे मेवे विदेशों से आयात करने पड़ते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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