(लीड) प्रधानमंत्री ने बनासकांठा को 14 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की दी सौगात

युगवार्ता    30-Oct-2026
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में जनसभा को संबोधित करते हुए


बनासकांडा (गुजरात), 30 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के करीब 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 19 हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।

प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में एक जनसभा में विपक्ष का नाम लिए बिना उस पर देश में अफवाह फैलाने, संकट के समय राजनीति करने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को देश मुश्किल में होता है तो खुशी मिलती है और जब पूरा देश एकजुट होकर चुनौतियों का सामना कर रहा होता है, तब ऐसे लोग अफवाह फैलाने में जुट जाते हैं।

मोदी ने कहा कि जब देश का युवा और किसान विकसित भारत बनाने के लिए जुटा है, तब कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लग रहा है। ऐसे लोग देश को मुश्किल में देखकर खुश होते हैं। उन्होंने कहा कि इसका ताजा उदाहरण ईरान युद्ध के बाद पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियां हैं। जब भारत एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब कुछ लोग अफवाहें फैलाने में लगे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिलने और बहनों को रसोई गैस की आपूर्ति बंद होने जैसी अफवाहें फैलाई गईं। इन लोगों की योजना देश में अफरा-तफरी फैलाने और मोदी को बदनाम करने की थी। उन्होंने कहा कि युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार ने किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। दुनिया में उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। मोदी ने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरकों की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। सरकार ने किसानों को इस बोझ से बचाने के लिए करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का वादा भी पूरा किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पिछले 10-12 वर्षों में किसानों को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है।

मोदी ने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। अब तक इस योजना के तहत करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं। देश में 85 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे किसान हैं, लेकिन दशकों तक उनकी जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनकी सरकार ने इन किसानों की चिंता करते हुए सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई है। गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला है। बनासकांठा के किसानों के खातों में भी करीब 50 करोड़ रुपये पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक बढ़ गया है। पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान किसानों को एमएसपी के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। खेती हमारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। उनकी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में कृषि और पशुपालन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का व्यापक समावेश किया है।

उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड इसका बेहतरीन उदाहरण है। पहले किसानों को यह पता लगाने में परेशानी होती थी कि उनके खेत को किस प्रकार की खाद और कितनी मात्रा में उसकी जरूरत है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड ने इस समस्या का समाधान किया है। आज देश के किसानों को 26 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए पिछले कुछ वर्षों में करीब तीन हजार नई किस्मों के बीज किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं।

मोदी ने पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि इसमें महिलाओं की बड़ी भूमिका है। सरकार ने पिछले एक दशक में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया है, क्योंकि पशुओं की बेहतर नस्ल से दूध उत्पादन बढ़ता है। उन्होंने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में स्थापित अनुसंधान केंद्र इस मिशन को और मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दो जैव-सीएनजी संयंत्रों का शिलान्यास भी किया गया है। सरकार का लक्ष्य पशुओं को स्वस्थ रखना, दूध उत्पादन बढ़ाना और गोबर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। पशुपालन को केवल परंपरा तक सीमित न रखकर किसानों की आमदनी बढ़ाने और गांवों को समृद्ध बनाने का माध्यम बनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि किसानों को सौर पंप उपलब्ध नहीं कराए गए होते तो उन्हें 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल खरीदना पड़ता। सौर पंपों से किसानों ने इस खर्च की बचत की है और इससे अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लाभ भी मिला है। सरकार की पांच योजनाओं और फैसलों से देशभर के किसानों को कुल मिलाकर 50 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।

मोदी ने बनासकांठा के आलू उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के आलू आज दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। यहां के किसानों को कोई यह कहने की जरूरत नहीं है कि वे आलू को सोने में बदल देंगे, क्योंकि वे पहले से ही ऐसा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में भारत की तेज विकास दर विश्व के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। देश को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में आयोजित होने वाली 'रन फॉर यूनिटी' में विशेष रूप से युवाओं से भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामाख्या तक देशवासियों को सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए एकता का संकल्प दोहराना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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