शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का निधन, जैत में आज होगा अंतिम संस्कार

30 Oct 2026 11:40:53
शिवराज सिंह चौहान की मां का फोटो


-भोपाल एम्स में एक सप्ताह से थीं भर्ती, सांस संबंधी परेशानी के चलते वेंटिलेटर पर चल रहा था उपचार, शोक में डूबा परिवार, केंद्रीय मंत्री ने निरस्त किए सभी कार्यक्रम

भोपाल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का शुक्रवार सुबह भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। करीब 76 वर्षीय काशीबाई पिछले एक सप्ताह से गंभीर रूप से अस्वस्थ थीं। सांस संबंधी परेशानी बढ़ने के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया । उनके निधन की खबर से परिवार और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।

काशीबाई का अंतिम संस्कार आज दोपहर तीन बजे उनके पैतृक गांव जैत, जिला सीहोर में किया जाएगा। मां के निधन की सूचना मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। चौहान ने स्वयं इस संबंध में सोशल मीडिया में जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, आज हमारे पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःख और पीड़ा का दिन है। हमारी पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी हमें छोड़कर अनंत की यात्रा पर प्रस्थान कर गई हैं। मां का जाना जीवन में एक ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है, जिसे कोई भर नहीं सकता। आज उनकी स्मृतियां मन को भावुक कर रही हैं। परमपिता परमेश्वर के श्रीचरणों में प्रार्थना है कि माताजी को अपने दिव्य धाम में स्थान प्रदान करें। पूज्य माताजी का अंतिम संस्कार दोहपर 03 बजे गृह ग्राम जैत, जिला सीहोर में होगा। ॐ शांति! शोकाकुल परिवार शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह चौहान, शशि सिंह चौहान, रोहित सिंह चौहान, वरुण सिंह चौहान।

साकेत नगर स्थित निवास पर अंतिम दर्शन

परिजनों के अनुसार, काशीबाई का पार्थिव शरीर सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भोपाल के साकेत नगर स्थित उनके निवास 9-बी पर अंतिम दर्शन के लिए रखा है। इसके बाद पार्थिव शरीर को सीहोर जिले के पैतृक गांव जैत ले जाया जाएगा, जहां दोपहर तीन बजे अंतिम संस्कार होगा। परिवार के सदस्य और निकट संबंधी इस कठिन घड़ी में उनके साथ हैं।

रायसेन का किसान सम्मेलन भी निरस्त

काशीबाई के निधन के चलते शिवराज सिंह चौहान आज रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। केंद्रीय मंत्री के सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। मां के निधन की खबर के बाद उनके समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक सहयोगियों में शोक का माहौल है। मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश के मंत्री राकेश सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए चौहान और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

बचपन में छूटा मां का साया, काशीबाई ने संभाला परिवार

शिवराज सिंह चौहान के जीवन में काशीबाई का विशेष स्थान रहा। उनकी जैविक मां सुंदरबाई चौहान का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की देखभाल के लिए काशीबाई से दूसरा विवाह किया। काशीबाई ने परिवार को संभाला और बच्चों के लालन-पालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

परिवार की जानकारी के अनुसार, सुंदरबाई से शिवराज सिंह चौहान सहित नरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और बेटी शशि हैं। काशीबाई के पुत्र वरुण सिंह चौहान पेशे से वकील हैं। काशीबाई भोपाल के साकेत नगर में रह रही थीं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया, जहां एक सप्ताह तक उनका उपचार चला।

हेमंत खंडेलवाल ने जताई संवेदना

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने काशीबाई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूजनीय माताजी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मां का निधन किसी भी व्यक्ति के लिए दुनिया की सबसे बड़ी क्षति होती है। इस दुखद परिस्थिति में उनकी संवेदनाएं चौहान और उनके परिवार के साथ हैं।

खंडेलवाल ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ॐ शान्तिः का संदेश दिया।

मंत्री राकेश सिंह ने भी व्यक्त किया शोक

मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश सिंह ने भी काशीबाई के निधन को अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मां का जाना जीवन की ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी पीड़ा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। इस कठिन समय में उनकी गहरी संवेदनाएं शिवराज सिंह चौहान और उनके समस्त परिवार के साथ हैं।

राकेश सिंह ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ॐ शान्तिः कहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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