
अहमदाबाद/नर्मदा, 31 अक्टूबर (हि.स.)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में पर्यटकों के लिए रेन फॉरेस्ट’ प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। वागड़िया चेकपोस्ट के निकट नए गोरा ब्रिज के पास 9.49 करोड़ रुपये की लागत से 47 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किए गए इस ‘रेन फॉरेस्ट’ प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री ने जनता को समर्पित किया।
लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री ने पूरे परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के प्रमुख आकर्षण 220 मीटर लंबे ग्लास डेक स्काईवॉक ब्रिज से गुजरकर रेन फॉरेस्ट का नजारा देखा। उन्होंने यहां लगाए गए विभिन्न पौधों और वृक्षों के बारे में नर्मदा निगम के अध्यक्ष मुकेश पुरी तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित अरोड़ा से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उनके साथ मौजूद रहे।
एकता नगर में विकसित यह रेन फॉरेस्ट प्रोजेक्ट प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और टिकाऊ पर्यटन का अनूठा संगम है। यहां भारत के पश्चिमी घाट, हिमालय और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के वर्षावनों में पाई जाने वाली विभिन्न सदाबहार वनस्पतियों की प्रजातियां लगाई गई हैं। इसके माध्यम से पर्यटकों को वन पारिस्थितिकी, जैव विविधता, वन संरक्षण और स्थानीय वनस्पतियों के महत्व को जानने-समझने का अवसर मिलेगा।
परियोजना में प्रकृति के करीब रहने और मनोरंजन के लिए कई आकर्षण विकसित किए गए हैं। इनमें करीब 220 मीटर लंबा ग्लास डेक स्काईवॉक ब्रिज प्रमुख है। इस पर चलते हुए पर्यटक रेन फॉरेस्ट की प्राकृतिक सुंदरता को एक अलग नजरिए से देख सकेंगे। इसके अलावा 5 से 8 मीटर ऊंचाई वाला झरना, गोलाकार तालाब और उसे जोड़ने वाले पुल परिसर की खूबसूरती बढ़ाएंगे।
प्राकृतिक पत्थरों से बना 20 फीट ऊंचा और 40 फीट चौड़ा प्रवेश द्वार भी आकर्षण का केंद्र होगा। नर्मदा के पत्थरों और ईंट-चूने से तैयार वॉकिंग ट्रेल्स, वृक्षों की कतारें तथा रेन फॉरेस्ट की विभिन्न परतों को दर्शाता थीम आधारित लैंडस्केप पर्यटकों को अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। रेन
फॉरेस्ट में बनाए गए सूचना केंद्र के माध्यम से नक्शों, चित्रों, जानकारीपूर्ण डिस्प्ले और क्यूआर कोड के जरिए पर्यटकों को वर्षावन पारिस्थितिकी, जैव विविधता और वन संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। बच्चों के लिए विशेष प्ले एरिया भी विकसित किया गया है, जहां रॉक क्लाइंबिंग वॉल, अलग-अलग ऊंचाई की स्लाइड्स, सीढ़ियों से जुड़ी ट्री बालकनी और झूले जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
यह परियोजना एकता नगर को ईको-टूरिज्म और प्रकृति के अध्ययन के एक विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा टिकाऊ पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे