राजमार्गों की सुरक्षा और गुणवत्ता पर होगा मंथन,गुजरात के एकता नगर में 5-6 अक्टूबर को चिंतन शिविर

04 Oct 2026 12:59:53
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (फाइल फोटो)।


-नितिन गडकरी करेंगे उद्घाटन, परियोजनाओं की अड़चनों से लेकर भूमि अधिग्रहण तक पांच मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली, 04 अक्टूबर (हि.स.)। देश में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप राजमार्ग अवसंरचना विकसित करने को लेकर केंद्र सरकार 5 और 6 अक्टूबर को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में ‘चिंतन शिविर-2026’ आयोजित करेगी। दो दिवसीय शिविर में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियां और अन्य हितधारक शामिल होंगे।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, शिविर का मुख्य उद्देश्य राजमार्ग परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रमुख अड़चनों की पहचान कर उनके व्यावहारिक और नवोन्मेषी समाधान तलाशना है। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा, दक्षता और समयबद्धता बढ़ाने के लिए नीतिगत और संस्थागत सुधारों पर भी मंथन होगा।

चिंतन शिविर का उद्घाटन 5 अक्टूबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। इस मौके पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा और हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहेंगे। विभिन्न राज्यों के सड़क परिवहन एवं लोक निर्माण मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भी शिविर में भाग लेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, शिविर केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसमें राज्यों के अनुभव, जमीनी स्तर पर सामने आ रहे व्यावहारिक समाधान और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा किया जाएगा। इससे राजमार्ग परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

दो दिनों के दौरान पांच प्रमुख विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे। इनमें प्रधानमंत्री गतिशक्ति और एकीकृत अवसंरचना योजना, भूमि अधिग्रहण एवं भूमि राशि पोर्टल, मॉडल रियायत समझौते एवं रेटिंग व्यवस्था, सुरक्षित राजमार्गों की डिजाइनिंग तथा गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना निगरानी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री गतिशक्ति सत्र में विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं के समन्वित विकास पर चर्चा होगी। भूमि अधिग्रहण और भूमि राशि से जुड़े सत्र में परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों और उनके समाधान पर विचार किया जाएगा। वहीं मॉडल रियायत समझौते एवं रेटिंग व्यवस्था पर संविदात्मक और क्रियान्वयन संबंधी मुद्दों पर चर्चा होगी।

सुरक्षित राजमार्गों की डिजाइनिंग से जुड़े सत्र में सड़क सुरक्षा को राजमार्गों की योजना और निर्माण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा। गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना निगरानी सत्र में निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी तंत्र और परियोजनाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार होगा। मंत्रालय को उम्मीद है कि चिंतन शिविर से राजमार्ग विकास में नई कार्यप्रणालियों और बेहतर संस्थागत व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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