
डिब्रूगढ़ (असम), 05 अक्टूबर (हि.स.)। आज़ादी के बाद पहली बार डिब्रूगढ़ से विदेश के लिए एक कार्गो जहाज रवाना हुआ, जिससे इस ज़िले से इनलैंड वॉटरवे के ज़रिए कार्गो की आवाजाही फिर से शुरू हो रही है।
मेथनॉल ले जाने वाला पहला जहाज़ 5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे डिब्रूगढ़ के नए बने बोगीबील रिवर पोर्ट (जिसे आईडब्ल्यूएआई बोगीबील टर्मिनल भी कहा जाता है) से ढाका, बांग्लादेश के पंगाओन पोर्ट के लिए रवाना हुआ। उम्मीद है कि यह जहाज़ 783 किलोमीटर का नदी का रास्ता तय करके लगभग सात दिनों में बांग्लादेश पहुंच जाएगा।
अगले कुछ दिनों में दूसरा कार्गो जहाज़ भी रवाना होने की उम्मीद है। ये दोनों जहाज़ मिलकर असम पेट्रो केमिकल्स लिमिटेड (एपीसीएल) द्वारा बनाए गए कुल 1,080 टन मेथनॉल को बांग्लादेश पहुंचाएंगे।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल आज बोगीबील पोर्ट पर औपचारिक रूप से जहाज़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे कार्गो की आवाजाही शुरू हो गयी। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा वर्चुअल तरीके से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। 5 अक्टूबर को रवाना होने वाले जहाज़ का नाम 'पटकाई' है और यह बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान 27 कंटेनरों में 540 टन मेथनॉल ले जा रहा है।
डिब्रूगढ़ में इनलैंड वॉटरवे ट्रांसपोर्टेशन का इतिहास ब्रिटिश काल से रहा है, जब व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए शहर से जहाज़ चलते थे और मोहनघाट के पास एक ऐतिहासिक रिवर पोर्ट स्थित था। समय के साथ इस इलाके से जहाज़ों का संचालन बंद हो गया था।
बोगीबील से कार्गो की आवाजाही फिर से शुरू होना असम और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के बीच इनलैंड वॉटरवे ट्रांसपोर्टेशन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक नया चरण है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय