सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का यमन में हूती को हरा सरकार बहाली का संकल्प

05 Oct 2026 08:17:53
मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी। फोटो - इंटरनेट मीडिया


सना (यमन), 05 अक्टूबर (हि.स.)। सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में सरकार को बहाल करने और हूती को हराने का संकल्प लिया है। यमन में लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी का कहना है कि यह समूह यमनी सरकारी बलों को सरकार को बहाल करने और हूती के तख्तापलट को खत्म करने के लिए हर तरह की मदद देना जारी रखेगा।

अल-मलिकी ने एक्स में कहा कि यमन और सऊदी अरब ने लाल सागर व बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों पर हूती हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना जारी रखेगा। उल्लेखनीय है कि 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम के बाद बड़े पैमाने पर लड़ाई रुकने के बाद नए सिरे से शुरू हुई झड़पें सबसे गंभीर हैं।

इस बीच यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए बड़े सैन्य अभियानों की शुरुआत की घोषणा की है। इस पर यमन के रक्षा विशेषज्ञ इब्राहिम जलाल का कहना है कि यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और उसके सहयोगियों के सामने हूती एक ऐसे प्रतिद्वंद्वी के तौर पर खड़े हैं, जो हाल के वर्षों में एक बहुत ताकतवर सेना बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि हूती अब बाब अल-मंदेब में तेजी से आगे बढ़ चुके हैं। अब वह अहम पहाड़ों पर कब्जा करके और ताइज शहर को अदन (यमनी सरकार की अंतरिम राजधानी) और लाहिज प्रांत से अलग-थलग करके अपनी बढ़त को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे अदन पर दबाव बढ़ेगा और आर्थिक केंद्र यानी मारिब शहर की ओर इलाके पर कब्जा बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उस शहर पर अभी कम दबाव है, लेकिन संभावना है कि आखिरकार वह अगला मुख्य केंद्र बन जाएगा।

जलाल ने कहा कि हूती की ताकत और उनकी बढ़त ने सरकार और उसके सहयोगियों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है। यह राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी की बड़े नए सैन्य अभियान की घोषणा से पता चलता है।

इस दौरान यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के विदेशमंत्री अफराह अल-जोबा ने हूतियों को हराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और समर्थन मांगा है।

अफराह अल-जोबा ने एक्स पोस्ट पर कहा, हम अपने भाइयों, दोस्तों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वे यमन के लोगों, उनकी सरकार और उनके राष्ट्रीय संस्थानों का समर्थन करें। वे आतंकवादी हूती मिलिशिया का सामना कर रहे हैं। इस मिलिशिया और उसके अपराधों का दायरा यमन की सीमाओं से आगे निकल गया है। इसकी आक्रामकता को रोकना और इसके धोखेपूर्ण तख्तापलट को खत्म करना अब एक साझा राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी और हित बन गया है, जिसके लिए मजबूत रुख और प्रभावी समर्थन की जरूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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