एशियाई खेलों में भारतीय पहलवानों ने किया शानदार प्रदर्शन, छह पदकों के साथ रहा सर्वश्रेष्ठ परिणाम

05 Oct 2026 14:41:53
स्वर्ण जीतने के बाद खुशी मनाते अमन


नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय कुश्ती दल ने जापान के आइची-नागोया में हाल ही में समाप्त हुए 20वें एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते। भारत ने दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए।

जापान में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में यह भारत का एशियाई खेलों में अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ कुश्ती प्रदर्शन है। इससे बेहतर प्रदर्शन भारत ने केवल 1962 के एशियाई खेलों में किया था, जहां भारतीय पहलवानों ने कुल 12 पदक जीते थे। भारत ने 18 में से 15 भार वर्गों में पहलवान उतारे और फ्रीस्टाइल, ग्रीको-रोमन तथा महिला कुश्ती तीनों वर्गों में पदक हासिल किए। भारतीय पहलवानों ने इस दौरान ओलंपिक चैंपियन, मौजूदा विश्व चैंपियन और विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर काबिज पहलवानों को भी मात दी।

सुजीत और अमन ने जीते स्वर्ण

65 किग्रा फ्रीस्टाइल में सुजीत कलकल ने पदार्पण करते हुए स्वर्ण पदक जीता। विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर मौजूद सुजीत ने सेमीफाइनल में जापान के 2024 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता कियोका कोटारो को 3-3 की बराबरी के बाद मानदंड के आधार पर हराया। फाइनल में उन्होंने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुडिएव को 10-9 से हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। वह 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाले तीसरे भारतीय बने।

57 किग्रा फ्रीस्टाइल में अमन सहरावत ने भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। विश्व रैंकिंग में 32वें स्थान पर मौजूद अमन ने फाइनल में उत्तर कोरिया के विश्व नंबर एक और 2025 विश्व चैंपियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया। यह इस भार वर्ग में एशियाई खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

नितेश और अंतिम पंघाल को रजत

ग्रीको-रोमन के 97 किग्रा वर्ग में नितेश ने रजत पदक जीता। वह 64 साल बाद एशियाई खेलों के ग्रीको-रोमन फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पहलवान बने। उनसे पहले 1962 में मारुति माने ने 97 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। नितेश ने सेमीफाइनल मुकाबला दो मिनट के भीतर 9-0 से जीता था।

महिला 53 किग्रा वर्ग में विश्व नंबर एक अंतिम पंघाल ने रजत पदक हासिल किया। उन्होंने फाइनल में पहुंचने के दौरान पांचवीं रैंक की पहलवान को हराया और दो मुकाबले बिना कोई अंक गंवाए जीते। यह 2023 में जीते कांस्य पदक के बाद उनके प्रदर्शन में सुधार है।

सुनील और दीपक ने जीते कांस्य

ग्रीको-रोमन के 87 किग्रा वर्ग में सुनील कुमार ने कांस्य पदक जीता। 2023 के बाद लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में कांस्य जीतकर वह लगातार दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बने। उन्होंने कांस्य पदक मुकाबला दो मिनट के भीतर 9-0 से जीता।

फ्रीस्टाइल के 97 किग्रा वर्ग में दीपक पूनिया ने कांस्य पदक जीता। नए भार वर्ग में उतरते हुए दीपक सेमीफाइनल में 8-9 से हार गए, लेकिन कांस्य पदक मुकाबले में 2-1 से जीत दर्ज की। यह इस भार वर्ग में भारत का 60 साल में पहला पदक है।

पदक से चूके पहलवानों ने भी छोड़ी छाप

74 किग्रा फ्रीस्टाइल में सागर जगलान पांचवें स्थान पर रहे। लंबे समय तक चोट के कारण बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले सागर ने 2023 एशियाई खेलों के 65 किग्रा चैंपियन और 70 किग्रा वर्ग के विश्व नंबर एक तुलगा तुमुर ओचिर तथा 2024 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता रजामबेक सलामबेकविच जमालोव को हराया।

62 किग्रा में मानसी और 50 किग्रा में दीपांशी पांचवें स्थान पर रहीं और दोनों पदक से सिर्फ एक मुकाबला दूर रहीं। दीपांशी का यह पदार्पण था। 57 किग्रा में पदार्पण करने वाली मनीषा भंवाला सातवें स्थान पर रहीं। उन्हें 2024 ओलंपिक चैंपियन और 2023 एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अकारी फुजिनामी ने 3-0 से हराया।

21वीं सदी में सबसे बेहतर प्रदर्शन

भारत के 2026 के छह पदकों में दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य शामिल हैं। 1978 और 2018 में भी भारत ने दो स्वर्ण जीते थे, लेकिन 1962 के 12 पदकों के बाद 2026 का कुल छह पदकों का प्रदर्शन भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ परिणाम है। भारत ने 1962, 1970, 1982, 2014 और अब 2026 में एशियाई खेलों में तीनों रंग के पदक जीते हैं।

इस अभियान में सुजीत, सागर, दीपांशी, मनीषा, रजत रुहाल और प्रिया मलिक सहित छह पहलवानों ने पदार्पण किया। भारतीय कुश्ती का यह प्रदर्शन एशिया के मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ हासिल किया गया और कई मुकाबलों का फैसला बेहद मामूली अंतर या मानदंड के आधार पर हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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