
हैदराबाद, 06 अक्टूबर (हि.स.)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के परिवार पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाने वाले भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के प्रवक्ता मन्ने क्रिशांक को मंगलवार को गोपालपुरम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस नेता की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी के बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए गांधी अस्पताल ले जाया गया। बाद में सिकंदराबाद की अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए क्रिशांक को जमानत दे दी।
पुलिस ने बीआरएस और उसके लीगल सेल के विरोध के बीच क्रिशांक को हैदराबाद स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। क्रिशांक ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के परिवार पर करीब 13,500 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। उन्होंने मेडिकोवर और मैक्सबियन फार्मा जैसी कंपनियों में निवेश, निदेशक पद से जुड़े कथित हितों के टकराव तथा मुख्यमंत्री के भाई कोंडल रेड्डी के स्वामित्व वाली टेसेरैक्ट कंपनी को करीब 200 करोड़ रुपये की जमीन आवंटित किए जाने को लेकर सवाल उठाए थे।
इन आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता मेट्टू साई कुमार की शिकायत पर गोपालपुरम पुलिस ने क्रिशांक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया।
गिरफ्तारी के बाद क्रिशांक को अदालत में पेश किए जाने से पहले गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद पुलिस ने अदालत से उनकी रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया और उन्हें जमानत दे दी।
बीआरएस ने क्रिशांक की गिरफ्तारी का विरोध किया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस और कानूनी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रही है।
बीआरएस के लीगल सेल ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एक ही प्रेस वार्ता को लेकर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज किए जाने का मुद्दा उठाया। पार्टी ने इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है। मामले में अदालत के रिमांड खारिज कर जमानत देने के बाद फिलहाल क्रिशांक को राहत मिली है।----------
हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj